शिवपुरी। विगत दिवस शिवपुरी तहसील में पदस्थ बाबू रूपकिशोर अष्ठाना द्वारा तारीख बढ़ाने के एवज में एक युवक से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो जाने के बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचा जिसकी जांच शुरू हो गई है।
इस आशय की पुष्टि तहसीलदार एलएन मिश्रा ने की है। उनका कहना है कि इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है जिसमें नायब तहसीलदार सुनील प्रभास को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
विदित हो कि ग्राम नोहरीकला के रहने वाले एक युवक कैलाश आदिवासी पुत्र ग्यासीराम आदिवासी का विवाद उसकी पत्नि श्री रामकृष्णा के साथ चार-पांच माह से चल रहा था जिसमें पत्नि की शिकायत पर से कोतवाली पुलिस ने धारा 109, 116 जाफता फौजदारी का प्रकरण पंजीबद्ध कर तहसील न्यायालय को भेज दिया था।
जिसका प्रकरण क्रमांक 772 नायब तहसीलदार के न्यायालय में चल रहा है। जिसकी पहली तारीख 14 सित बर 2015 लगाई गई। जिसे बढ़ाने के लिए वहां पदस्थ बाबू रूप किशोर अष्ठाना ने कैलाश आदिवासी से 500 रूपए रिश्वत के तौर पर ले लिये और प्रकरण में तारीख बढ़ाकर 5 अक्टूबर लगा दी है।
इस तरह बाबू ने रिश्वत लेकर क्रमश: 15.11.2015, 15.12.2015 और 31.12.15 बढ़ा दी। जब कैलाश 31 दिस बर को तारीख पर आया तो बाबू ने उसकी तारीख बढ़ाते हुए 22 जनवरी 2016 लगा दी और उसके एवज में उससे 20 रूपए की रिश्वत प्राप्त की।
यह पूरा दृश्य एक युवक ने कैमरे में कैद कर लिया और उक्त वीडिया क्लीलिपिंग तहसीलदार एलएन मिश्रा को सौंप दी। इस आधार पर श्री मिश्रा ने जांच हेतु एक पत्र जारी कर जांच नायब तहसीलदार सुनील प्रभास को सौंप दी।
पत्रकार जैन ने बनाया था वीडियो
एक दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता रिंकू जैन ने बाबू द्वारा रिश्वत लिए जाने को अपने कैमरे में कैद किया था. श्री जैन के अनुसार जब वह तहसील पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उक्त बाबू बिना किसी भय के उसके पास आने वाले लोगों से काम के एवज में खुलेआम रिश्वत ले रहा था। उसके हौंसले इतने बुलंद थे कि उसने इस बात पर भी ध्यान केन्द्रित नहीं किया कि उसके रिश्वत लेने का वीडियो बनाया जा रहा है।

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