शिवपुरी। जिला सत्र न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव ने गुरूवार को दिए एक फैसले में हत्यारोपी को आजीवन कारावास एंव अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न दने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासन की ओर से पैरवी मदन बिहारी श्रीवास्तव ने की।
अभियोजन के अनुसार 30 अक्टूबंर 2014 को पोहरी थानांतर्गत ग्राम मड़ीखेड़ा निवासी बहादुर के यहां उसकी बेटी मीना व दामाद अभियुक्त धनपाल पुत्र हरी अदिवासी उम्र 25 वर्ष निवासी कांकरखेड़ी थाना छर्च आए हुए थे।
उस दिन गांव में जुलाई के पैसे बसुलने ज्ञानी धाकड भी आया हुआ था,रात में वह बहादुर के घर पर ही रूका था। अभियुक्त धनपाल को संदेह था। अभियुक्त धनपाल को संदेह था कि ज्ञानी के उसकी पत्नी मीना से अवैध संबध है।
रात में जब बहादुर व ज्ञानी घर के आंगन में सो रहे थे तभी धनपाल ने कुल्हाडी से प्रहार कर ज्ञानी धाकड की हत्या कर दी। बाद में मामले की शिकायत पुलिस को दर्ज कराई गई।
पुलिस ने धनपाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज विवेचना उपरांत न्यायालय में दर्ज किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रकरण में आए समस्त तथ्यों एंव साक्ष्यों पर विचानण उंपरात न्यायाधीश ने आरोपी धनपाल को आजीवन कारावास की और 5 हजार रू के अर्थदंड से दंडि़त किया। ओर अर्थदंड़ न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।