ललित मुदगल@एक्सरे/शिवपुरी। सन 2015 गुजर गया लेकिन जाते-जाते अपनी कुछ यादे छोड गया। और इन यादो में मेडिकल कॉलेज का कागज के टुकडे को भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम सहित पूरी भाजपा इस टुकडे को उडा नही सकी।
कहने का सीधा-सीधा अर्थ है कि इस लोकसभा के चुनाव ठीक 2 माह पूर्व 7 फरवरी 2014 को सांसद सिंधिया ने अपने लोकसभा वासियो को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। यहां कॉलेज उन्होने अपनी सरकार से स्वीकृत कराया था।
लोक सभा चुनाव के दौरान स्थानीय गांधी पार्क मैदान में आयोजित एक आम सभा में भारत के प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ने इस कॉलेज के बारे में कहा था कि कागज के टुकडे पर मेडिकल कॉलेज नही बनता है।
प्रदेश के सीएम ने भी लोक सभा के चुनाव के प्रचार के दौरान स्थानीय प्राईवेट बस स्टैंड पर एक आम सभा में कहां था। यह कोई मेडिकल कॉलेज पास नही हुआ है वहां सिर्फ एक कागज का टूकडा है और कागज के टुकडे पर मेडिकल कॉलेज नही बनते।
और इसी चुनाव में सिंधिया बार-बार वह कागज का टुकडा मिडिया और जनमानस को बता रहे थे जिस पर शिवुपरी का प्रस्तावित मेंडिकल कॉलेज शिवपुरी के लिए मंजुर हुआ था।
सांसद सिंधिया ने इस मुद़दे को लगातार लोकसभा में उठाया और प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह को इसकी जमीन आवटिंत करने को बार-बार पत्र भी लिखा और प्रदेश के सीएम शिवराज से इस कॉलेज की प्रक्रिया को आगे बढाने के लिए समय भी लिया और सीएम ने समय दिया परन्तु समय देने के बाद मिले नही।
नपा चुनाव मे भी मेडि़कल कॉलेज का मुददा उछाला और पूरी-पूरी की भाजपा इस मेडिकल कॉलेज को कागज का टुकडा बताती रही। और पूरी तरह से यह प्रचारित किया जाने लगा था कि संासद सिंधिया ने शिवपुरी की जनता को यह मेडिकल कॉलेज हवा मे ही दिया है।
सन 2015 में भी इस कॉलेज को प्रदेश सरकार ने शि ट करने का प्रयास किया। और लेकिन क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सक्रियता के चलते प्रदेश सरकार के मंसूबे पूरे नही हो सके।
लेकिन कहां जाता है कि एक लिखा और सौ बका यह कहावत सिद्व हुई भाजपा की प्रदेश सरकार और प्रदेश के सीएम शिावराज सिंह ने इस कागज का टुकडे पर बनने वाले कॉलेज का एमओयू जारी किया और प्रदेश सरकार ने इस कॉलेज को जमीन भी आवंटित कर दी है।
और बकायदा इस कॉलेज के एमओयू जारी करने के लिए प्रयास का स्थानीय विधायक और प्रदेश की सबसे ताकतवर मंत्री यशोधरा राजे ने श्रेय की राजनीति के चलते प्रेस नोट जारी भी करवाया था।
कुलमिलाकर शिवुपरी के इस प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज जो एक कागज के टुकडे से अस्तित्व में आया था उसका एमओयू भी मिल गया और जमीन भी आवटिंत हो गई है। आगे कॉलेज की बिल्डिंग भी बन जाऐंगी और यह शान से खडा होगा।
इस कॉलेज के होने ना होने का अब सवाल 2015 में समाप्त हो गया। अब आगे यह शान से खडा होगा। संासद सिंधिया के वादा भी शान से खडा होगा, और इस कागज के टुकडे से बने इस कॉलेज को कोई आंधी नही उड़ा पाऐगीं।