शिवपुरी। वर्ष 2015 में कांग्रेस को चुनावो में तो सफलता मिली जनता का विश्वास जीतने कामयाब रही तो दूसरी ओर कांग्रेसियो की कुंडली में पुलिस योग भी जमकर बैठा। एक के बाद एक कांग्रेसी नेताओ पर आपराधिक मामले दर्ज हुए।
वर्ष 2014 में कांग्रेस ने जहां जिले की नगर पालिका और नगर पंचायत चुनाव में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की वहीं जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में भी कांग्रेस ने अपने झंड़े गाढ़े लेकिन वर्ष 2015 में कांग्रेस के अनेक नेताओं पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए।
पुलिस कार्यवाही की गाज नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह से लेकर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगमोहन सिंह सेंगर, जनपद पंचायत पोहरी के अध्यक्ष प्रद्यु न वर्मा, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश राठखेड़ा, जनपद उपाध्यक्ष अरविन्द धाकड़ चकराना, पिछोर नगर पंचायत अध्यक्ष संजय पाराशर आदि पर गिरी।
वर्ष 2015 जाते-जाते कांग्रेस की मुश्किलों का दौर थमा नहीं है। जनपद पंचायत पोहरी के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान प्रद्यु न वर्मा के पिता की आकस्मिक मृत्यु हुई और इसके बाद चुनाव के दौरान हुए संघर्ष में प्रद्यु न वर्मा पर आपराधिक मामला कायम किया गया।
यह बात अलग है कि अध्यक्ष पद का चुनाव वह जीत गए, लेकिन आपराधिक प्रकरण के शिकंजे से वह नहीं बच पाये। इसी मामले में अरविन्द धाकड़ पर भी अपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ।
नगर पंचायत पिछोर में अतिक्रमण हटाने गए दल के समक्ष अतिक्रामक महिला ने आत्म हत्या का प्रयास किया और आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष संजय पाराशर की प्रताडऩा से वह आत्म हत्या कर रही है। इस मामले में श्री पाराशर पर आपराधिक प्रकरण कायम किया गया।
वहीं किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश राठखेड़ा पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। श्री राठखेड़ा के साथ-साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी मामला कायम हुआ है और उनके भाई तथा भतीजे तो गिर तार होकर जेल में बंद हैं।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जगमोहन सिंह सेंगर पर फेसबुक में आपत्तिजनक टिप्पणी दर्ज करने पर राजद्रोह का मामला कायम किया गया है। मामला कायम होने के बाद से श्री सेंगर फरार बने हुए हैं और समाचार लिखे जाने तक उन्हें न्यायालय से कोई राहत नहीं मिल सकी है।
साल समाप्त होते-होते नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह पर पात्रता न होने के बाबजूद भी बीपीएल राशन कार्ड धारक होने का आरोप लगा। इस मामले में एसडीएम नीतू माथुर ने जांच कर उन्हें दोषी पाया तथा फिर कोतवाली में नगरपालिका अध्यक्ष के विरूद्ध धोखा धड़ी और दस्तावेजों में कूट करण का मामला कायम किया गया।
इस मामले से श्रीकुशवाह को अभी कोई राहत नहीं मिली हैं तथा वह फरार बने हुए हैं। हालांकिन माननीय उच्च न्यायालय में श्री कुशवाह ने एफआईआर निरस्त करने हेतु याचिका लगा रखी है। परन्तु अभी उसकी सुनवाई नहीं हुई है। वहीं पार्षद आकाश शर्मा पर अपने वार्ड के सोनी परिवार से मारपीट का मामला कायम किया गया है।
वहीं चैक बाउन्स के मामले में भी न्यायालय ने उनके विरूद्ध कोतवाली शिवपुरी में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया है। देखना यह है कि सन् 2016 में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती है या उन्हें इनसे निजात मिलेगी।