शिवपुरी। प्रदेश का नं.1 अस्पताल अब विवादो में भी नं.1 होने की कोशिश कर रहा है। आज जिला चिकित्सालय में एक ह ते में दूसरा बच्चा बदलने का प्रकरण सामने आया है। जहां महिला चिकित्सक डॉ. उमा जैन और उनके स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप प्रसूता के पति शशिकांत दुबे ने लगाये हैं और बच्चे का डीएनए टेस्ट करने की मांग करते हुए अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया।
प्रसूता मंजू दुबे के पति शशिकांत दुबे का कहना है कि रात्रि में ऑपरेशन के दौरान उसकी पत्नि बच्चे को जन्म दिया। जिसकी सूचना ऑपरेशन थिएटर में मौजूद स्टाफ ने उनको दी और उनसे मिठाई व क बल की मांग की।
लेकिन कुछ देर बार ही उन्हें बच्चे के स्थान पर डॉक्टरों ने बच्ची थमा दी। जिससे परिजन भड़क गए लेकिन रात्रि में डॉक्टरों को हावी होता देख वह शांत रहे और आज सुबह प्रसूता के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहनी सागर में रहने वाली मंजू दुबे को कल शाम प्रसव पीड़ा होने के बाद अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर उमा जैन ने उसका चैकअप कर उसे भर्ती करने की सलाह दी। लेकिन रात्रि में उसकी पीड़ा तीव्र हो गई और डॉ. उमा जैन ने उसका ऑपरेशन किया।
जहां उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। यह सूचना ऑपरेशन थिएटर में मौजूद स्टाफ ने शशिकांत दुबे और मंजू दुबे की माँ मोहनी दुबे को दी। जिससे परिवार में हर्ष का माहौल निर्मित हो गया। लेकिन कुछ समय बाद ही, नर्सो ने उनके हाथों पुत्री थमा दी और उन्हें बधाईयां दी।
इनका कहना है
प्रसूता के परिजनों द्वारा बच्चा बदलने का जो आरोप लगाया गया है वह झूठा और निराधार हैं। आज सुबह आठ बजे से लेकर 1 बजे तक जितनी भी प्रसव हुए हैं उनमें से सभी बच्चियां हैं। ऐसी स्थिति में बच्चा बदलकर बच्ची देने के आरोप में कोई दम नहीं है।
डॉ. उमा जैन
एमओ स्त्री रोग विशेषज्ञ
जिला चिकित्सालय शिवपुरी

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