करैरा। करैरा मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालय मे अथिति शिक्षक पाँच से दस वर्षो से कम वेतन मान पर अध्यापन करा रहे अतिथि शिक्षको को गुरूजियों की भाँति नियमिती करें! नियमितीकरण की माँग को लेकर 23 अतिथि शिक्षको ने जबलपुर हाई कोर्ट मे एडवोकेट सतेन्द्र जोतषि ने याचिका दायर की थी!
जबलपुर हाई कोर्ट की एकल खण्ड पीड के जज श्री आलोक अराधे ने सुनवाई कर गुरूजीयो की तरह नियमित करण के राज्य सरकार को निर्देश दिए और आदेश मे तीन माह का समय मध्य प्रदेश शासन को दिया गया!
कृष्ण पाल सिंह राजपूत, भूपेन्द्र कौशल, कैलाश गोतम, संदीप गेडा, अमरेन्द्र सिंह वैस, उमेर सिंह रावत, सोभा गुप्ता ,कमलेश कुमार गुप्ता, महेन्द्र गुप्ता, विजय सिंह कुशवाह, हेमन्त रावत, संतोष सूत्रकार, ज्योति खटीक अशोक गोतम, पवन कुमार दुबे, राजेन्द्र रजक ,दिनेश ओझा, इन्द्रपाल सिंह वैस, मोहनी ठाकुर, राजेश जोनकार, ब्रजमोहन सिसोदिया, नवल जाटव, नीरज लोधी आदि की तरफ से याचिका दायर की थी! हाई कोर्ट का फैसला अतिथि शिक्षकों के पक्ष मे फैसला हुआ!

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।