शिवपुरी। जिले के बम्हारी थाना अंतर्गत पडऩे वाले गांव कैरऊ में आदिवासियो के खेतो से मुरम खोदे जाने पर आदिवासियों के विरोध के कारण प्राईवेट कंपनी दिलीप बिल्डकॉन के कर्मचारियों के बीच झडप होने की खबरे आ रही है।
जानकारी के अनुसार पिछले 11 सितबंर को आदिवासी ग्राम कैरऊ में आदिवासियों की खेती की जमीन पर फोरलेन निर्माण कर रही दिलीप बिल्डिकॉन कंपनी ने खोद डाली थी जिससे आदिवासियों की जमीनो की हत्या हो रही थी इन्ही जमाीनो को बचाने के सहरियां क्रांति ने संघर्ष किया था। सहरियां क्रांति के विरोध के चलते कंपनी ने खेतो को खोदना बंद कर दिया था।
बताया गया है कि दो दिन पूर्व कंपनी के ड फर और मशीनो ने फिर आदिवासियों के खेतो को खोदना शुरू कर दिया। नेमी और प्रीतम आदिवासी ने अपने खेत में खुदाई करने से रोका तो उसकी मारपीट कर दी।
बताया गया है कि इस मारपीट से पूरे गांव के आदिवासी एकत्रित होकर अवैध मुरम उत्खन्न कर रहे डम्फर और जेबीसीयो को रोक दिया और इस अवैध उत्खन्न का विरोध किया। आदिवासियों के अचानक विरोध के कारण दिलीप बिल्डकॉन के कर्मचरियों को भागना पड़ा।
बताया गया है कि कि इन आदिवासियों के खेतो से मुरम ढो रहे दिलीप बिल्डकॉन ने इन आदिवासियों से स्टांप पर लिख पढी की है। ओर वे इस कारण कंपनी इन खेतो को खोद रही है। लेकिन नियमानुसार कोई भी व्यक्ति अपनी मालिकाना हक की जमीन की खुदाई की परिमिशन नही दे सकता।
उत्खन्न की परिमिशन की पूरी प्रक्रिया के तहत ही उत्खन्न किया जा सकता है। परन्तु यहां लैडयूज के नियामो को ही बदल दिया हे और व्यापक पैमाने पर उत्खन्न की खबरे आ रही है। गरीब आदिवासियों के खेतो की हत्या की जा रही है और प्रशासन शांति से यह तमाशा देख रहा है। इस उत्खन्न की जांच 11 सित बर से आज तक प्रशासन ने नही की ही है यह जांच का विषय है।


प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।