शिवपुरी। जिला न्यायालय की सीजेएम ने एक युवक द्वारा उसकी मां की मौत के बाद फर्जी बसीयत के आधार पर मकान अपने नाम कराने के मामले में नोटरी एडवोकेट सहित 5 लोगो के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैै।
आरोपियों में से एक महिला भी शामिल है। मामले में एडवोकेट शैलेन्द्र समाधिया ने परिवाद पत्र पीडि़त की तरफ से दायर किया था।
अभियोजन के मुताबिक शहर के वन बिहार कॉलोनी में रहने वाले राजीव(46) पुत्र शंकर सहाय सक्सैना ने अपनी मां की मौत 22 दिसंबर 2009 में हो जाने के बाद 7 माह पूर्व मकान की फर्जी दस्तावेजो के आधार पर वसीयत बनाई जिस पर से मां के हस्ताक्षर कर लिए ।
इस पूरे फर्जीबाड़े में राजीव का साथ उसकी पत्नी अनुपमा, भाई संजीव, मित्र संजय पुत्र कृष्ण मुरारी शर्मा निवासी वन बिहार कॉलोनी ने दिया जबकि नौटरी एडवोकेट मोहनलाल गोयल ने की।
गौर करने वाली बात यह है कि राजीव ने वसीयत में अपने मित्र संजय को गवाह बनाकर उसके हस्ताक्षर जिस दिनांक को कराए थे उस दिनांक को संजय शर्मा एक भ्रष्टाचार के मामले में शिवपुरी जेल में बंद था।
साथ ही राजीव ने अपनी मां की मौत के बाद उक्त वसीयत को बनाकर उस पर मृत मां के हस्ताक्षर कर लिए। वसीयत में से मकान का जो हिस्सा राजीव की बहन तनुजा पत्नी अरविंद दुबे निवासी शांतिनगर को मिलना था उसका नाम वसीयत में से हटा दिया गया।
पूरे मामलें का पता जब तनुजा को लगा तो उसने पुलिस सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई न होने के बाद तनुजा ने अपने अभिभाषक शैलेन्द्र समाधिया द्वारा न्यायालय में परिवाद पत्र प्रस्तुत किया।
जिसकी जांच के बाद न्यायालय ने राजीव, उसकी पत्नी अनुपमा, छोटा भाई संजीव, मित्र संजय शर्मा सहित फर्जी नौटरी कराने वाले एडवोकेट मोहनलाल गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए है।


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