सुअरप्रेमी मुन्नालाल पर हाईकोर्ट की अवमानना का आरोप

0
शिवपुरी। एक समाचार पत्र में छपे नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह के उस बयान को पूर्व सीएमओ रामनिवास शर्मा ने अपने निशाने पर लिया हैं जिसमें श्री कुशवाह ने शहर में पानी न बरसने का कारण नगर पालिका द्वारा की गई सूअरों की हत्या को बताया था।

श्री शर्मा ने एक ओर श्री कुशवाह पर नगर पालिका कानून का ज्ञान न होने का आरोप मढ़ा हैं वहीं उनके बयान को माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना भी बताया।

प्रेस को जारी बयान में श्री शर्मा ने कहा कि नपाध्यक्ष को नगर पालिका अधिनियम का ज्ञान नहीं है। मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 253 (3) में यह स्पष्ट प्रावधान है कि न्यूसेंस फैलाने वाले व जनमानस को घातक आवारा सूअरों को नष्ट किया जा सकेगा।

उसी आधार पर माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर नगर पालिका ने सूअरों का शूट आउट कराया हैं, लेकिन सस्त्ती लोकप्रियता हांसिल करने के लिए नगर पालिका ने सूअरों के शूट आउट को अमानवीय बताते हुए यहां तक कहा है कि सूअरों को मारने के कारण ही शहर में पानी नहीं बरस रहा तथा वेतहाशा गर्मी फैल रही है।

श्री शर्मा ने नपाध्यक्ष को झकझोरते हुए कहा कि शहर में सूअरों के कारण न जाने कितनी घटनायें घटित हो चुकी हैं। यहां तक की सूअरों के हमले में एक छात्र की मृत्यु तक हो चुकी हैं। इसी कारण सार्वजनिक हित में सूअरों को शूट आउट करने की कार्यवाही की गई और श्री कुशवाह का बयान इसलिए भी हास्यास्पद हैं कि सूअरों का शूट आउट सिर्फ शिवपुरी में हुआ, लेकिन सूखा तो समूचे ग्वालियर च बल संभाग और प्रदेश में पड़ा है।

यदि श्री कुशवाह इतने ही अहिंसक हैं तो उन्हें निरीह मुर्गे और बकरों की रोजाना हो रही हत्याओं पर भी आवाज उठाना चाहिये। सूअरों की तरह मुर्गे और बकरी भी प्राणी है। अच्छा हो श्री कुशवाह अनावश्यक बयान देने की बजाय जनहित और लोक कल्याण के कार्यों पर ध्यान दें। जिससे नगर पालिका पटरी पर आ सके।

मैं भी सूअरों की हत्या से सहमत नहीं: श्री शर्मा
पूर्व सीएमओ श्री शर्मा का कहना है कि जहां तक उनका मत हैं कि वह भी सूअरों की हत्या से सहमत नहीं थे और मेरे कार्यकाल में कई ट्रक सूअर पकड़ कर शहर से बाहर कराये गए थे।

लेकिन माननीय उच्च न्यायालय के आदेश एवं विधान की मंशा के अनुसार ही नगर पालिका को सूअरों को शूट आउट करने का कदम उठाना पड़ा था। इस मामले पर श्री कुशवाह द्वारा राजनैतिक रोटियां सेंकना उचित नहीं है।

Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!