शिवपुरी। नई परिषद जब से आई है विवादित फैसले ही आ रहे है। जनहित में कोई फैसला नही आया है परन्तु पूर्व नपाध्यक्ष जगमोहन सिंह के एक जनहित के फैसले को बदलने की तैयारी नपा की परिषद करने को तैयार है।
बताया गया है कि शिवपुरी बाजार बैठक वसूली को लेकर नपा के अफसरों पर लग रहे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से त्रस्त होकर कर्मचारियों ने वसूली करने के लिए ठेकेदारों की मांग की है संपत्ति कर अधिकारी ने नपाध्यक्ष सहित परिषद के सदस्यों के सामने पूरी बैठक व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की अनुशंसा की है।
इस पूरे प्रकरण में पार्षदो को एक दल है जो चाहता है कि बैठक वसूली किसी प्राईवेट व्यक्ति को दे दी जाए और कैसे भी ये ठैका इस पार्षदो के दल को मिल जाए इस कारण वे रोज इस बैठक व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते है।
बताया गया है कि यह ठेकेदारी से बाजार वसूली पूर्व नपाध्यक्ष ने इसलिए बंद करवा दी थी कि ठैकेदार गरीबो से अधिक पैसा वसूलता था और रोज सडको पर इस कारण मारपीट भी होने लगी थी इस कारण ये फैसला लिया गया कि बाजार से बसूली नपा के कर्मचारी ही करेंगें। इस कारण ही जब से बाजार बसूली के ठैके जब से बेद है
बताया गया है कि नपा में पार्षदो का एक दल बैठक बसूली का ठैका करवाना चाहता है कि यह काम उन्ही के किसी आदमी को मिले और कमाई का एक जारिया ओर बन जाए,फिर चाहे किसी गरीब ठेले वाले या फुटपाथ पर बेठै किसी सब्जी वाले की खाल ही क्यो न खिचनी पडें।
इस मामले में राजस्व अधिकारी सौरव गौड का कहना है कि रोज-रोज भ्रष्टाचार के आरोपो बचने के लिए हमने यह मामला परिषद में रखवा दिया है परिषद जो भी निर्णय ले।

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