शिवपुरी। अमर शहीद तात्याटोपे के बलिदान दिवस पर आयोजित तात्याटोपे समारोह के तीसरे एवं अंतिम दिन समाधि स्थल परिसर शिवपुरी में अखिल भारतीय कवि स मेलन स पन्न हुआ। कवि स मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं एवं काव्यपाठ के माध्यम से अमर शहीद तात्याटोपे सहित शहीदों को श्रृद्धांजलि दी।
कवि सम्मेलन के शुरू में पोहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री प्रहलाद भारती ने देश के विभिन्न स्थानों से आए याति प्राप्त कवियों एवं कवित्री का पुष्प गुच्छ प्रदाय कर स्वागत किया।
स्वराज संस्थान संचालनालय म.प्र. शासन संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित अखिल भारतीय कवि स मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं एवं कविताओं के माध्यम से देर रात तक श्रोताओं को बांधकर रखा और उनका भरपूर मनोरंजन किया।
कवि स मेलन का संचालन उज्जैन से आए हास्य-व्यंग्य के कवि श्री अशोक भाटी ने किया। जबकि दिल्ली से आयी कवित्री सुश्री मुमताज नसीम ने कवि स मेलन की शुरूआत सरस्वती बंदना से की। सुश्री मुमताज नसीम ने अपनी अगली रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि ''घर से निकली थी मैने सोचा न था कि इतनी मुश्किल मुलाकात हो जाएगी, क्या खबर थी कि मौसम बदल जाएगा और रास्ते में बरसात हो जाएगी।ÓÓ
उन्होंने अपनी दूसरी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि ''अजीजो मुझे तुम से शिकायत भी नहीं और सच पूछो तो इसकी जरूरत भी नहीं, भाई का भाई क्या हक होता है भूल गया, जन्नत बादिए कश्मीर पर झगड़ा क्यों है, यह इलाका तो हमारा है तु हारा क्या है, तुमने तो अपनी मर्जी से वतन छोड़ा था।
कवि स मेलन में इटावा से आए वीररस के कवि श्री कमलेश शर्मा ने जोश भरी अपनी रचना के माध्यम से अमर शहीदों को अपनी श्रृद्धांजलि दी। कवि स मेलन में भोपाल के शिवकुमार अर्चन, अलवर से आए विनीत चौहान ने भी अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।


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