भोपाल। एक जमाने में शिवपुरी की सबसे चर्चित एडीएम रहीं आईएएस अफसर शशि कर्णावत को बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि कर्णावत को विशेष न्यायालय ने प्रिंटिंग घोटाले में पांच साल की जेल और 50 लाख जुर्माने की सजा दी है। वे जेल में भी रह चुकी हैं। इन पर भ्रष्टाचार का आरोप सिद्ध होने से सेवा से बर्खास्त किया जाना उचित होगा।
प्रदेश की दूसरी IAS
भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त होने वाली निलंबित आईएएस कर्णावत प्रदेश की दूसरी महिला आईएएस होगी। इसके पहले राज्य सरकार ने टीनू जोशी को भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में बर्खास्त किया है। हालांकि आईएएस अफसरों के मामले में यह चौथी आईएएस होंगी।
इससे पहले वर्ष 2002 में आईएएस रमेश थेटे को भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से वे बरी होने के बाद वे बहाल हो गए थे। इसी तरह अरविंद जोशी को भी सरकार ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बर्खास्त किया है।


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