भव्य कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुई श्रीमद् भागवत कथा

shailendra gupta
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शिवपुरी। भगवान शिव की नगरी शिवपुरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा व श्रीरामकथा का भव्य शुभारंभ आज नगर में विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। स्थानीय मॉं राज राजेश्वरी मंदिर पर पहुंची हजारों की सं या में महिलाओं ने सिर पर मनोकामना कलश रख अपने घर-परिवार एवं समाज व देश-प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना को लेकर इस कलश यात्रा में शामिल हुई।
यात्रा में सर्वप्रथम कथावाचक पं.नीलेशकृष्ण शास्त्री व श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर के महंत लक्ष्मणदास त्यागी जी महाराज बघ्घी में सवार थे। इस दौरान  महंतद्वय के पीछे कथा के मु य यजमान अजयराज-श्रीमती आशा शर्मा श्रीमद् भागवत कथा को सिर पर रखकर व 108 कुण्डलीय के यजमान साथ-साथ चल रहे थे। नगर में इस भव्य शोभायात्रा का नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया। कहीं पुष्पवर्षा तो वहीं शुद्ध जल वितरण के साथ-साथ शीतल जल एवं रसना का अमृतरूपी प्रसाद बांटा जा रहा था। इस दौरान नगर के प्रत्येक जनमानस को महंतद्वयों द्वारा आशीर्वाद भी प्रदान किया गया।

यात्रा मॉं राज राजेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होकर कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच तात्याटोपे स्मारक से निकलकर, अस्पताल के सामने से, अस्पताल चौराहा होते हुए कोर्ट रोड़ से निकलकर माधवचौक से गुजरकर गुरूद्वारा चौराहा, झांसी तिराहे से होते हुए कथा कार्यक्रम स्थल श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंची। जहां विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। इस दौरान महंतश्री लक्ष्मणदास त्यागी जी महाराज द्वारा महिलाओं के सिर पर रखे पूर्ण मनोकामना कलश यात्रा के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि  सभी शहर की महिलाऐं सरस्वती-काली कंकाली-दुर्गा-लक्ष्मी के रूप में कलश यात्रा में अपनी मनोकामना पूर्ण करते हुए कलश को रखकर अब पूजा अर्चन के बाद उसको अपने घर के पूजा कक्ष में स्थापित करना है उसके बाद प्रतिदिन उसकी पूजा करें एवं मनोकामना पूर्ण होने के बाद श्रीफल को भगवान श्रीखेड़ापति हनुमान जी पर भेंट करें। कथा शुभारंभ पर कथा का वृतान्त सुनाते हुए आचार्य पं.नीलेशकृष्ण शास्त्री ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन से बड़ा ही पुण्यदायी फल मिलता है इसलिए कथा के आयोजन संबंधी जानकारी मिलने पर ही कथा का लाभ लें और अन्य लोगों को भी दें, इससे आयोजक, श्रावक और कथावाचक सहित संपूर्ण प्रकृति कथा के आनन्द विभोर में डूबकर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करते है। 8 अप्रैल से शुरू हुई संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का वाचन दोप.1 बजे से 5 बजे जबकि सायं 7 बजे से 10 बजे तक श्रीरामकथा का वाचन किया जाएगा। 15 अप्रैल को 108 कुण्डीय यज्ञ एवं 16 अप्रैल को नगर भेाग(प्रसाद) में श्री खेड़ापति मंदिर पर सभी सादर आमंत्रित है।

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