शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करैरा की पीएमश्री कन्या उमावि में एक-दो नहीं, पूरे 71 छात्राओं को फेल होने के बाद भी सांठ-गांठ से पास कर दिया गया। वो छात्राएं जो 9वीं और 11वीं की बोर्ड पैटर्न की परीक्षा में अनुपस्थित थीं या अनुत्तीर्ण हो गई थीं, उन्हें अगली क्लास में प्रमोट कर उतीर्ण होने की फर्जी मार्कशीट थमा दी गई।
यह फर्जीवाड़ा शैक्षणिक सत्र 2024-25 में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य कविता लोधी के कार्यकाल में हुआ। यह मामला ग्वालियर कमिश्नर तक पहुंची शिकायत के बाद उजागर हुआ है। अगर इसकी शिकायत संभागायुक्त ग्वालियर तक न पहुंचती तो यह मामला शायद कभी उजागर नहीं होता।
कलेक्टर-डीईओ की जांच में परत-दर-परत खुला घोटाला
संभागायुक्त के निर्देश पर कलेक्टर अर्पित वर्मा और डीईओ आकाश सिंह यादव ने मामले को गंभीरता से लिया। बीईओ करैरा की टीम से जांच कराई गई तो फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। जांच में खुलासा हुआ कि 9वीं की 62 और 11वीं की 9 छात्राओं को बिना परीक्षा के ही पास दिखा दिया गया।
जांच रिपोर्ट आते ही कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई कते हुए माध्मिक शिक्षक अंजना गुप्ता, कृष्णमुरारी मेहते और संध्या त्रिपाठी को निलंबित कर दिया है। जबकि पूरे षड़यंत्र की सूत्रधार रहीं, प्रभारी प्राचार्य कविता लोधी, उच्च माध्यमिक शिक्षक अर्चना गुप्ता और सतीश कुमार खटीक का प्रस्ताव कमिश्नर ग्वालियर को भेजा गया है।
यह मामला शैक्षणिक सत्र 2024-
यह मामला शिक्षा सत्र 2024-25 का है, इसमें कमिश्नर साहब को शिकायत हुई थी। स्कूल प्रबंधन ने कक्षा 9 व 11 की 71 छात्राओं को बिना परीक्षा कराए ही अगली क्लास में प्रमोट कर दिया था और उन्हें परीक्षा उत्तीर्ण करने की अंकसूची प्रदान कर दी गई। इस मामले में तीन शिक्षकों को निलंबित किया गया है और तीन शिक्षकों के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजा गया है।
आकाश सिंह यादव, डीईओ शिवपुरी।
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