सहस्त्र हाथ,लाखों प्रणाम, पालकी पर सवार होकर शाही अंदाज में विदा हुईं शिवपुरी की महारानी

Lalit Mudgal
0
shivpuri-samachar

शिवपुरी। दशहरे के पावन पर्व पर शिवपुरी की सड़कें उस वक्त भक्ति के महासागर में तब्दील हो गईं, जब खटीक समाज की 9 फीट ऊंची मां काली-जिन्हें शहरवासी प्यार से शिवपुरी की महारानी कहते हैं-अपनी शाही पालकी पर सवार होकर विदाई के लिए निकलीं। 

आस्था का सैलाब कुछ ऐसा था कि 2 किलोमीटर का लंबा सफर हजारों भक्तों के कंधों के सहारे महज 35 मिनट में ही तय हो गया। सड़क के दोनों ओर कतारों में खड़े शहरवासियों ने जब अपनी महारानी को अंतिम विदाई दी, तो पूरा शहर माता के जयकारों से गूंज उठा।

नवरात्रि पर्व के समापन पर दशहरे के खास मौके पर शिवपुरी में एक अद्भुत और विहंगम नजारा देखने को मिला। सईसपुरा के गणपति मंदिर स्थित दुर्गा पंडाल में विराजीं खटीक समाज की 9 फीट ऊंची मां काली जब अपनी पालकी में सवार होकर निकलीं, तो पूरा शहर उनके दर्शनों के लिए उमड़ पड़ा। खटीक समाज द्वारा पिछले 10 वर्षों से निभाई जा रही यह परंपरा इस बार और भी ज्यादा भव्य रही।

कंधों पर सवार होकर निकलीं महारानी
मंगलवार को नौ दिनों की विशेष पूजा-अर्चना के बाद माता की विदाई का समय आया, तो भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। खास बात यह रही कि माता को किसी वाहन पर नहीं, बल्कि भक्तों द्वारा अपने मजबूत कंधों पर पालकी में उठाकर ले जाया गया। 'शिवपुरी की महारानी' का यह भव्य जुलूस सईसपुरा से शुरू होकर मीट मार्केट, कमलागंज, माधव चौक और पुराने बस स्टैंड होते हुए दो बत्ती चौराहे तक पहुंचा।

महज 35 मिनट में तय हुआ 2 किलोमीटर का सफर
इस शोभायात्रा की सबसे बड़ी और हैरान करने वाली बात इसकी गति और भक्तों का जोश रहा। हजारों की भारी भीड़ होने के बावजूद, माता काली की पालकी ने 2 किलोमीटर की दूरी मात्र 30 से 35 मिनट में तय कर ली।

सड़कों के दोनों ओर उमड़ा आस्था का सैलाब
माता की एक झलक पाने के लिए जुलूस के पूरे रास्ते भर सड़क के दोनों किनारों पर लोगों की भारी भीड़ जमा थी। हर कोई माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेना चाहता था। जय-जयकार और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच महारानी को गणेश कुंड ले जाया गया, जहां पूरे विधि-विधान और नम आंखों के साथ उन्हें जल में विसर्जित किया गया। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर शिवपुरी में खटीक समाज की इस अनूठी और गौरवशाली परंपरा की छाप छोड़ दी।

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!