फ्री हिट काजल सिकरवार @ शिवपुरी। शिवपुरी के हृदय स्थल माधव चौक से निकलने वाले कोर्ट रोड पर प्रशासन की शिफ्टिंग का फ्लॉप शो जारी है। इस रोड को आदर्श रोड बनाने के लिए मैदान में उतरे प्रशासनिक अमले की कवायद का नतीजा फिलहाल बेअसर नजर आ रहा है। कोर्ट रोड पर लगाए गए प्रतिबंध व्यापारियों के हित में नहीं होने के कारण अब ठेले वाले, पटवा सहित व्यापारी भी विरोध में उतर आए हैं।
इस खबर को सीधे-सीधे शब्दों में बिना लाग-लपेट के लिखें तो शिवपुरी का कोर्ट रोड शहर के व्यापार का एक प्रमुख मार्ग है। वहीं इस रोड पर यातायात का दबाव भी अधिक है। सिंधिया के निर्देश के बाद प्रशासन ने सोचा कि चलो कुछ काम करते हैं और कोर्ट रोड से इसकी शुरुआत करते हैं।
कोर्ट रोड पर ठेले वालों सहित गांधी चौक पर वर्षों से फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले पटवाओं को हटा दिया गया और उन्हें कोर्ट रोड पर ही स्थान देने की कोशिश की गई। इसके बाद ठेले वाले सामने आ गए। उनका तर्क था कि हमें हटा दिया तो इन्हें जगह क्यों दी जा रही है? प्रशासन इस उलझन से निकल पाता, उससे पहले ही व्यापार को बांधने वाले नियमों को लेकर व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है।
क्या है व्यापार को बांधने वाला नियम
प्रशासन ने कोर्ट रोड को आदर्श रोड बनाने के लिए यहां भारी वाहनों और ट्रांसपोर्ट-लोडिंग वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। व्यापारियों ने इसे दूरगामी सोच के बिना लिया गया कदम बताया है। इस फैसले से नाराज समस्त कोर्ट रोड व्यापारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि दुकानों तक सामान नहीं पहुंचेगा तो व्यापार कैसे होगा? उनका कहना है कि व्यापारिक क्षेत्र में माल की नियमित आवक जरूरी है। यदि लोडिंग और ट्रांसपोर्ट वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया तो इसका सीधा असर दुकानदारों के कारोबार पर पड़ेगा।
व्यापारियों ने कहा है कि आगे दीपावली और धनतेरस जैसे बड़े त्योहार हैं। शादी-ब्याह का सीजन भी सामने है। ऐसे समय में माल की आवक पर ताला लगा दिया गया है। इससे व्यापारियों की कमर टूटेगी। उन्होंने कहा कि आदर्श रोड की चमक-दमक की आड़ में रोजगार को गर्त में धकेला जा रहा है।
व्यापारियों ने प्रशासन के सामने राहत का रास्ता भी सुझाया है। उनका कहना है कि सुबह 12 बजे तक लोडिंग वाहनों को माल उतारने की अनुमति दी जाए। वहीं रात 8 बजे के बाद ट्रांसपोर्ट वाहनों का प्रवेश फिर से शुरू किया जाए, ताकि दिन में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो और व्यापारियों का काम भी चलता रहे।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही अपनी हठधर्मिता छोड़कर उनकी वाजिब मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो त्योहारी सीजन में उग्र आंदोलन की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही व्यापार ठप होने की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
बिना होमवर्क सड़क पर उतरा अमला, अब बैकफुट पर
कुल मिलाकर बिना होमवर्क के सड़क पर उतरा नगर पालिका और यातायात का अमला अब बैकफुट पर नजर आ रहा है। कोर्ट रोड को लेकर साल भर में कोई न कोई नया प्रयोग, नया स्लोगन और नई व्यवस्था शुरू होती है। कुछ सप्ताह तक यह कवायद मीडिया की सुर्खियां बनती है और उसके बाद व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है।
अब एक बार फिर कोर्ट रोड पर शिफ्टिंग और यातायात व्यवस्था के नाम पर नया प्रयोग शुरू हुआ है। ठेले वालों से लेकर पटवा और अब व्यापारी तक विरोध में उतर आए हैं। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर प्रशासन का यह प्रयोग कितने दिन चलेगा और कब तक कोर्ट रोड पर व्यवस्था के नाम पर प्रयोग होते रहेंगे? फिलहाल हालात यही बता रहे हैं कि कोर्ट रोड पर प्रशासन का शिफ्टिंग का फ्लॉप शो जारी है।

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