शिवपुरी। बुढ़ापे में जब इंसान को अपनों के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा और सुकून की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब 72 वर्षीय युगल कुमार जोशी और उनकी 65 वर्षीय पत्नी मधु जोशी एक ऐसे सिस्टम से लड़ रहे हैं जो पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है। जरा कल्पना कीजिए—आपकी जिंदगी दांव पर लगी हो, आप पिछले चार साल से किडनी की गंभीर बीमारी और डायलिसिस का असहनीय दर्द झेल रहे हों, इलाज के लिए शिवपुरी का अपना मकान तक बेच चुके हों...
लेकिन जब आपको जीवन बचाने के लिए अपने ही बैंक खाते में जमा अपनी ही गाढ़ी कमाई की जरूरत पड़े, तो बैंक आपके हाथों में हफ्ते के केवल 1,000 रुपये थमा दे। शिवपुरी के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक जबसे घोटाले में फसकर कंगाल हुआ है जब से ऐसे सैकडो आवेदक कलेक्टर के पास अपनी पीडा व्यक्त करा चुके है।
क्या है पूरा मामला
मूल रूप से राजस्थान के राजसमंद (उदयपुर) में निवासरत बुजुर्ग दंपति युगल कुमार जोशी और मधु जोशी का शिवपुरी के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित में जॉइंट खाता (खाता क्र. 172001462358 एवं 672063042835) है। इन खातों में उनकी जीवन भर की कमाई जमा है। युगल कुमार जोशी पिछले चार वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
उनका इलाज उदयपुर के जी.बी.एच. अमेरिकन अस्पताल, ऐजल विंग्स और पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में चल रहा है। लगातार डायलिसिस और महंगे इलाज के चलते परिवार की आर्थिक कमर टूट चुकी है। हालात यहां तक आ गए कि इलाज का खर्च उठाने के लिए उन्हें शिवपुरी स्थित अपना मकान भी बेचना पड़ा।
हफ्ते के 1000 रुपये में कैसे बचेगी जान
अब जब आगे के इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, शिवपुरी का कंगाल बैक सहकारी बैंक ने हाथ खड़े कर दिए हैं। बैंक द्वारा बुजुर्ग दंपति को उनकी जमा राशि में से एक सप्ताह में महज 1,000 रुपये ही दिए जा रहे हैं। आज के समय में जहां एक बार के डायलिसिस और दवाइयों का खर्च ही हजारों में आता है, वहां हफ्ते के 1,000 रुपये किसी क्रूर मजाक से कम नहीं हैं। राजस्थान में बैठकर इलाज करा रहे इस परिवार के लिए बार-बार शिवपुरी आकर इस तरह के नियमों से जूझना मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने वाला है।
बेटी ने लगाई कलेक्टर से न्याय की गुहार
पिता की उखड़ती सांसों को बचाने के लिए अब उनकी बेटी हर्षिता जोशी ने मंगलवार को शिवपुरी जिलाधीश (कलेक्टर) के समक्ष एक मार्मिक आवेदन प्रस्तुत किया है। इलाज के तमाम पर्चे और दस्तावेज संलग्न करते हुए कलेक्टर से गुहार लगाई गई है कि बैंक को तुरंत निर्देशित किया जाए। परिवार किसी से खैरात नहीं मांग रहा, वे बस अपने ही खाते से 10,00,000/- (दस लाख रुपये) की एकमुश्त राशि निकालने की अनुमति चाहते हैं ताकि युगल कुमार जोशी का आगे का इलाज सुचारू रूप से चल सके।

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