Shivpuri News: पंजाब सिंह पसंद नही थे इसलिए महेन्द्र यादव के कहने पर फाडे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पोस्टर

Lalit Mudgal
0
shivp[uri-samachar

नरेन्द्र जैन। खनियाधाना नगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पोस्टर और होर्डिंग फाड़ने के मामले मे अब नया खुलासा हुआ है। पिछोर विधानसभा मे पंजाब सिंह यादव की बढती गतिविधि और लोकप्रियता के विरोध मे यह पोस्टर काण्ड हुआ है। ​आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पोस्टर फाडने के विरोध मे यादव समाज का प्रर्दशन हुआ था। इस प्रर्दशन काण्ड के फलस्वरूप पोस्टर फाडने वाले युवको ने सरैंडर कर​ दिया है। बताया जा रहा है कि महेन्द्र सिंह यादव के कहने पर चार नकाबपोश युवाओ ने यह पोस्टर फाडे थे। 

बिजली के खंभों से फाड़ दिए गए थे जन्माष्टमी के पोस्टर
जानकारी के अनुसार 29 अगस्त को खनियाधाना नगर के कदवाया रोड, रेडी रोड और बस स्टैंड इलाके में बिजली के पोल पर लगाए गए जन्माष्टमी के पोस्टर और होर्डिंग को चार नकाबपोश युवकों द्वारा फाड़े जाने की बात सामने आई थी। घटना के बाद इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

इन सभी पोस्टरो पर निवेदक मे पिछोर जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष पजांब सिंह यादव का नाम था। पंजाब सिंह यादव पिछोर विधानसभा की राजनीति मे तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहे है। पंजाव सिंह यादव यूपी के रहने वाले है ओर पिछोर से विधायक का चुनाव भी लडना चाहते है। बताया जा रहा है कि पंजाब सिंह यादव ने अपना वोटर लिस्ट मे नाम भी बढवा लिया था लेकिन विरोध और अपत्ति के बाद पंजाब सिंह का नाम वोटर लिस्ट से कट गया था। 

पिछोर को जिला घोषित कराने के लिए पंजाब सिंह यादव पिछले कई सालो से पिछोर मे हस्ताक्षर अभियान भी चला रहे है वही खनियाधाना क्षेत्र मे स्थित द्धारिकाधीश मंदिर के जीर्णोद्धवार में पंजाब सिंह की मुख्य भूमिका थीं अब खनियाधाना को श्रीकृश्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बेनर होर्डिग्स से पाट दिया गया था। यह बात महेन्द्र सिंह यादव विजयपुर गरोठा वाले को नागवार लगी इसलिए पोस्टर फाडो अभियान मे चार युवको को तैयार किया था। 

48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद सामने आए युवक
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग करते हुए 48 घंटे का समय दिया था। इसी बीच सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर हुई पड़ताल में तीन युवकों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया कि *महेंद्र यादव, अमित यादव और अवधेश यादव ने थाने पहुंचकर सरेंडर किया है। हालांकि पुलिस द्वारा इस मामले में दर्ज एफआईआर और आरोपों की आधिकारिक धाराओं की स्थिति अलग से स्पष्ट होना बाकी है।

यादव समाज के युवकों के नाम सामने आने से बदला घटनाक्रम
शुरुआत में पोस्टर फाड़ने की घटना को लेकर यादव समाज के बीच काफी आक्रोश था। लेकिन जब जांच में कथित तौर पर यादव समाज से जुड़े ही युवकों के नाम सामने आए तो मामले की दिशा बदल गई। ओबीसी जन कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सिंह यादव के नेतृत्व में हुई सभा के दौरान भी इस घटनाक्रम पर चर्चा हुई। बताया गया कि आरोपित युवकों के परिजनों की ओर से भी उनके नाम बताए गए।

राजकुमार सिंह यादव ने कहा कि समाज के नाम पर आपसी विवाद या खींचतान में इस तरह की हरकत करना उचित नहीं है। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी वैमनस्य खत्म करने और भविष्य में इस तरह की घटना नहीं दोहराने की अपील की।

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!