काजल सिकरवार फ्री हिट शिवपुरी। शिवपुरी कलेक्टर की चौखट पर आज एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने बेटा और बहू के खिलाफ आवेदन दिया है। आराम करने वाली उम्र में अपने बाकी बचे जीवन को सुरक्षित काटने के लिए प्रशासन को अपनी लाठी बनाया हैं,70 वर्षीय वृद्ध महिला का आरोप है कि उसके बेटे और बहू ने उसके दोनो मकान सहित गांव के पुस्तैनी जमीन को बेच दिया और उसे भूखा रखते है एक एक पाई को मोहताज कर दिया। जिस बेटे को वह अपने बुढापे की लाठी समझ रही थी अब वह लाठी बनकर उसी पर बरस रहा है।
शिवपुरी शहर के कमलागंज क्षेत्र की सुभाष कॉलोनी बाबू क्वार्टर पर निवास करने वाली प्रेमवती बाई पत्नि गनपत राठौर ने आवेदन के माध्यम से बताया कि बड़े बेटे जगदीश राठौर और बहू कमलेश राठौर द्वारा उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है और बुढ़ापे में जीवन-यापन के लिए आवश्यक खर्च तक नहीं दिया जा रहा। वृद्ध महिला ने अपने आवेदन में बताया कि वह करीब 70 वर्ष की है और उम्र के इस पड़ाव पर खुद अपना खर्च चलाने में असमर्थ है।
उसका कहना है कि ग्राम कुंवरपुर में उसकी खेती की जमीन थी, वहीं शहर में उसके दो मकान भी थे। आरोप है कि उसके बड़े बेटे द्वारा इन संपत्तियों को बेच दिया गया। संपत्ति चले जाने के बाद वृद्धा के सामने अब सबसे बड़ी चिंता अपने रोजमर्रा के जीवन-यापन की है।
संपत्ति चली गई, अब खर्च के लिए भी मोहताज
प्रेमवती बाई का कहना है कि संपत्ति से जुड़े मामलों के बाद भी उसे अपने बेटे से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिल रही है। जब वह भोजन, दवा और अन्य जरूरी खर्चों के लिए पैसे मांगती है तो कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौच की जाती है। आवेदन में वृद्धा ने आरोप लगाया है कि बेटा उसे साफ तौर पर कहता है कि वह उसके खर्च के लिए पैसे नहीं देगा।
डर और परेशानी में जी रही हूं’
वृद्धा ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उसके साथ इस तरह के व्यवहार के कारण वह काफी परेशान और भयभीत है। उसका कहना है कि वह अपने ही परिवार के बीच खुद को असहाय महसूस कर रही है। उम्र के इस पड़ाव पर जब शरीर साथ छोड़ने लगता है और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है, ऐसे में कथित रूप से आर्थिक मदद नहीं मिलने और अभद्र व्यवहार से उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रेमवती बाई ने अपने आवेदन के माध्यम से जिम्मेदार अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। वृद्धा की फरियाद केवल संपत्ति या पैसों का मामला नहीं है, महिला ने अपने आवेदन मे ट्रिपल एस की मांग अर्थात सम्मान, सुरक्षा और सहारे की मांग भी है।
मां की फरियाद ने खड़े किए कई सवाल
इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि यदि किसी वृद्ध माता-पिता की संपत्ति उनके जीवनकाल में बेच दी जाती है और इसके बाद वही माता-पिता अपने दैनिक खर्च के लिए संतान पर निर्भर हो जाते हैं, तो उनकी सुरक्षा और भरण-पोषण की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? वृद्धावस्था में आर्थिक निर्भरता अक्सर बुजुर्गों को कमजोर बना देती है और ऐसे मामलों में समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
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