पिछोर। गणेश विसर्जन के जुलूस में भक्ति और उत्साह के बीच पिछोर बस स्टैंड पर देर रात ऐसा नजारा बना, मानो सड़क पर ही क्राइम सीन क्रिएट हो गया हो। तेज आवाज में बज रहे डीजे के बीच कुछ युवा हुड़दंग पर उतर आए। पहले बस स्टैंड पर रखे खाली हाथठेलों को खींचकर तोड़ा और इसके बाद विधायक निधि से बने यात्री प्रतीक्षालय पर चढ़कर उसकी चद्दर की छत तक क्षतिग्रस्त कर दी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस समय सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ हो रही थी, उस समय मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद बताए जा रहे थे। इसके बावजूद युवाओं को रोकने के बजाय पुलिस मूकदर्शक बनी नजर आई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डीजे के फुल बेस के बीच काफी देर तक हुड़दंग चलता रहा। यानी भक्ति के नाम पर निकली शोभायात्रा खत्म होते-होते बस स्टैंड पर ठेले टूटे, सरकारी खर्च से बना प्रतीक्षालय क्षतिग्रस्त हुआ और पुलिस कार्रवाई के बजाय तमाशा देखती नजर आई।
गणेश विसर्जन के लिए निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में डीजे और बैंड शामिल थे। दोपहर से शुरू हुआ डीजे का शोर देर रात तक चलता रहा। इसी दौरान कई डीजे बस स्टैंड पहुंचे। तेज आवाज और भीड़ के बीच कुछ युवा हाथठेलों पर चढ़ने और उन्हें खींचने लगे। देखते ही देखते ठेलों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। इसके बाद युवाओं का हुड़दंग यहीं नहीं रुका। वे विधायक निधि से बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय पर चढ़ गए और उसकी छत को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रतीक्षालय की चद्दर की छत टूट गई।
पुलिस सामने थी, फिर भी नहीं रुका हुड़दंग
मौके पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद युवाओं को रोकने के प्रयास नहीं किए जाने के आरोप हैं। वहां मौजूद एक मीडियाकर्मी ने पुलिसकर्मियों से युवाओं को रोकने के लिए कहा तो कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया कि टीआई मैडम भी अभी यहीं से होकर गई हैं और जब उन्होंने कुछ नहीं कहा तो वे क्या कर सकते हैं। इसके बाद भी काफी देर तक डीजे की तेज आवाज के बीच हुड़दंग चलता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पुलिसकर्मी भीड़ से बचते नजर आए।
कार्रवाई के सवाल पर पुलिस ने कहा- शिकायत आने पर देखेंगे
पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने कहा कि अभी उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि तोड़फोड़ करने वालों के नाम-पते मिलते हैं या शिकायत आती है तो पूरे मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ ज्यादा थी और संभव है कि लोग प्रतीक्षालय या ठेलों पर चढ़े हों, जिससे टूटफूट हुई हो।
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