शिवपुरी। शिवुपरी मे चलने वाले श्रीगणेश उत्सव का अन्नत चौदहस की रात समापन हो गया। चौदहस के दिन बादल शिवपुरी पर फुहारो वाली बारिश करते रहे। इस बारिश से जहां तापमान गिर गया लेकिन शिवपुरी की सडको पर उमडी श्रृद्धा की भक्ती ने इस महौल को रात भर गर्म रहा। बारिश के बीच शहर की सडको पर निकले गणेशजी के विमान और चल झाकियो में जनसैलाब देखने को मिला।
आयोजकों के अनुसार, दो लाख से अधिक लोग गणेश प्रतिमाओं की विदाई के इस आयोजन में शामिल हुए। शाम करीब 8 बजे शुरू हुई शोभायात्रा का सिलसिला सुबह 6 बजे तक चलता रहा। कहीं डीजे की तेज धुन पर युवा थिरकते नजर आए तो कहीं आकर्षक झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। बारिश के कारण कुछ जगह भीड़ कम हुई, लेकिन प्रमुख मार्गों पर आस्था का रंग देर रात तक जमा रहा।
बारिश ने बदला माहौल, फिर भी नहीं थमा उत्साह
शुक्रवार सुबह से ही शिवपुरी में मौसम बदला हुआ था। करीब दस दिन से बारिश थमी हुई थी और तेज धूप के साथ उमस लोगों को परेशान कर रही थी। ऐसे में सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार तक करीब 31 डिग्री रहा अधिकतम तापमान शुक्रवार को घटकर 27 डिग्री तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी 24 से घटकर 23 डिग्री रहा।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन और वहां से आ रही नम हवाओं के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला है। शिवपुरी में भी इसका असर दिखाई दिया। मौसम विशेषज्ञों ने अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
कस्टम गेट से हंस बिल्डिंग तक उमड़ा जनसैलाब
बारिश के बीच रात करीब 8 बजे गणेश प्रतिमाओं की विदाई के लिए शोभायात्रा शुरू हुई। कस्टम गेट और हंस बिल्डिंग चौराहे पर बनाए गए मंच शोभायात्रा के प्रमुख आकर्षण रहे। यहां से गुजरने वाली गणेश प्रतिमाओं और झांकियों का श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ स्वागत किया।
शोभायात्रा में ट्रकों पर सजाए गए विशाल डीजे सिस्टम खास आकर्षण रहे। अलग-अलग डीजे वाहनों पर संगीत और प्रस्तुति का मुकाबला चलता रहा। बारिश और ठंडी हवाओं के बावजूद बड़ी संख्या में युवा डीजे की धुन पर नाचते रहे। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से शहर का माहौल देर रात तक भक्तिमय बना रहा।
शोभायात्रा में शामिल झांकियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए भंडारे लगाए गए। सामाजिक संगठनों और आयोजन समितियों ने प्रसादी के साथ पानी की व्यवस्था भी की।
आधी रात के बाद शुरू हुआ विसर्जन, सुबह तक चला सिलसिला
शोभायात्रा के साथ-साथ आधी रात के बाद गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम शुरू हो गया। बड़ी प्रतिमाओं के लिए अमोला पुल स्थित सिंध नदी, जबकि छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए मझेरा तालाब और गणेश कुंड में व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया और अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के बीच प्रतिमाओं को विदाई देते रहे। सुबह तक अलग-अलग स्थानों पर प्रतिमाओं के पहुंचने और विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। कई परिवार और समितियां अपनी प्रतिमाओं के साथ विसर्जन स्थलों तक पहुंचीं।
पुलिस-प्रशासन रहा अलर्ट
गणेश विसर्जन के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने प्रमुख मार्गों तथा विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की थी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। नदी और अन्य विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों को भी अलर्ट रखा गया। अधिकारियों ने देर रात तक व्यवस्थाओं की निगरानी की।
किसानों के लिए बारिश राहत भी, चिंता भी
दस दिन बाद हुई बारिश ने जहां शहरवासियों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए इसके मिले-जुले असर सामने आए हैं। जिन किसानों के खेतों में नमी की जरूरत थी, उनके लिए बारिश राहत लेकर आई है। वहीं जिन किसानों ने सोयाबीन की कटाई कर उपज खेतों में रखी है, उनके लिए लगातार बारिश परेशानी बढ़ा सकती है।
इस तरह शुक्रवार की बारिश ने शिवपुरी के गणेशोत्सव के अंतिम दिन का रंग जरूर बदल दिया, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पर इसका खास असर नहीं पड़ा। बारिश की बूंदों के बीच रातभर गणपति बप्पा के जयकारे, डीजे की धुन और झांकियों के साथ शहर ने गणेशोत्सव को विदाई दी।

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