शिवपुरी। इस साल मानसून की शुरूवात निराशाजनक रही थी,अषाढ सूखा रहा था लेकिन सावन माह ने राहत प्रदान की है। इस कारण अब सिंध नदी की धार भी चलने लगी है और प्यासे तालाब और डेम मे पानी कंठ तक आ गया है,इसी बीच वर्षा के आकडे बढाने के लिए बीते मंगलवार को फिर एक और बार बादलो ने शिवपुरी जिले की सीमा मे अपना डेरा डाला और शहर मे 45 मिनट तक जोरदार बारिश हुई। इससे जहां सडके तक जलमग्न हो गई और मौसम मे ठंडक घोल दी, बल्कि खेतों में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है।
45 मिनट की मूसलाधार और जलमग्न हुई सड़कें
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे मौसम का मिजाज अचानक बदला। शुरुआत रिमझिम फुहारों से हुई, लेकिन देखते ही देखते इसने मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया। यह सिलसिला पूरे 45 मिनट तक चला। शहर के कस्टम गेट और कई निचली बस्तियों में पानी भर गया, जिससे कुछ देर के लिए जनजीवन प्रभावित हुआ, लेकिन गर्मी से मिली राहत के आगे लोगों ने इसे खुशी-खुशी नजरअंदाज कर दिया।
मड़ीखेड़ा डैम, कब खुलेंगे गेट?
लगातार हो रही बारिश से जिले के सबसे बड़े मड़ीखेड़ा डैम का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। प्रशासन और आम जनता की निगाहें इसके गेट खुलने पर टिकी हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, जब डैम का जलस्तर 346.25 मीटर के जादुई आंकड़े को छू लेगा, तब सुरक्षा के मद्देनजर इसके गेट खोल दिए जाएंगे। अगर आने वाले दिनों में ऐसी ही झमाझम बारिश होती रही, तो जल्द ही शिवपुरीवासियों को डैम के गेट खुलने का मनमोहक नजारा देखने को मिल सकता है।
बारिश के आंकड़े: पिछले साल की तुलना में अभी हम कहां हैं?
इस साल मानसून थोड़ी कंजूसी दिखा रहा है। जिले में जून से लेकर अब तक 522.58 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है, जबकि जिले की कुल औसत बारिश का आंकड़ा 816.3 मिमी है। यानी शिवपुरी को अपनी प्यास बुझाने के लिए अभी भी लगभग 300 मिमी बारिश की दरकार है। अगर पिछले साल (2025) से तुलना करें, तो आज की तारीख तक 1113.79 मिमी बारिश हो चुकी थी, और साल के अंत तक यह आंकड़ा 1585.86 मिमी तक पहुंच गया था।
आगे क्या? 21 अगस्त से 'येलो अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो मानसून अभी थमा नहीं है। 21 अगस्त से शिवपुरी जिले में फिर से अच्छी बारिश होने के आसार हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है।
खेती और नदियों के लिए वरदान
इस महीने अगर उम्मीद के मुताबिक बारिश होती है, तो यह किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगी। वर्तमान में सिंध नदी में तो पर्याप्त पानी आ चुका है, लेकिन जिले के अन्य नदी, नाले और तालाब अभी भी अपनी प्यास बुझने का इंतजार कर रहे हैं। आगामी बारिश से इन जलस्रोतों के पूरी तरह लबालब होने की उम्मीद है।
.webp)
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।