शिवपुरी। खनिधाना थाने मे पदस्थ एसआई छाया राय पर खनियाधाना थाने मे अपराध क्रमाक 306/26 पर पाक्सो एक्ट धारा 198 बीएनएस और धारा 21 (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया है,नाबालिग के अपहरण से जुडे इस मामले में मध्यप्रदेश ग्वालियर हाई कोर्ट के आदेश और पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमति यांगचेन डोलकर भूटिया के पत्र के आधार पर पर उपनिरिक्षक छाया राव पर यह एफआईआर की गई है।
नाबालिग लडकी से जुडे इस मामले मे जांच जारी है,इस मामले को लेकर खानियाधाना टीआई केदार सिंह यादव और उपनिरिक्षक छाया राव को पुलिस अधीक्षक ने सस्पैंड पूर्व मे ही कर दिया है। अब माना जा रहा है इस मामले मे अपहरणकर्ता से जुडे लोग और थाने मे पदस्थ अन्य पुलिसकर्मीयो पर एफआईआर हो सकती है।
मामला बीते 8 जुलाई का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार करीब 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को भगवान सिंह मोटरसाइकिल से खनियाधाना थाने लेकर पहुंचा था। इसके बाद बालिका की मां, संबंधित युवक भूरा और अन्य लोग भी थाने पहुंचे। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के साथ-साथ अपहरण और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोपों से संबंधित बताया गया।
आरोप है कि मामले की गंभीरता और बालिका की नाबालिग उम्र की जानकारी होने के बावजूद तत्कालीन जांच अधिकारी उपनिरीक्षक छाया राय ने नियमानुसार कानूनी कार्रवाई नहीं की। नियमानुसार नाबालिग को सुरक्षित संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन आरोप है कि ऐसा नहीं किया गया।
नाबालिग को संरक्षण में लेने के बजाय जाने दिया
मामले में सबसे गंभीर आरोप यही है कि बालिका को सुरक्षित संरक्षण में रखने की कार्रवाई करने के बजाय उसे संबंधित युवक अथवा अन्य व्यक्तियों के साथ जाने या उनके संरक्षण में रहने दिया गया। इसी बिंदु को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए और मामला आगे चलकर हाईकोर्ट तक पहुंचा। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस विभाग ने इस मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी की भूमिका की ओर भी कार्रवाई का रुख किया है। एसआई छाया राय के खिलाफ पुलिस ने अपराध क्रमांक 306/26 दर्ज किया है।
आरक्षक की रिपोर्ट पर दर्ज हुई FIR
पुलिस के अनुसार इस मामले में प्रधान आरक्षक हजारी लाल जाटव की रिपोर्ट के आधार पर 12 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 1:10 बजे खनियाधाना थाने में उपनिरीक्षक छाया राय के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 198 बीएनएस और धारा 21 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस के अनुसार एसआई की गिरफ्तारी या राउंडअप नहीं किया गया है। मामले में आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हरकत में आया पुलिस विभाग
यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश तथा शिवपुरी पुलिस अधीक्षक द्वारा 12 अगस्त को जारी पत्र के पालन में की गई है। यानी जिस मामले में शुरुआती स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगे थे, उसमें अब विभागीय और कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे मामलों में कानूनन निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। अब जांच का केंद्र इस बात पर रहेगा कि 8 जुलाई को थाने में मौजूद अधिकारियों के सामने क्या-क्या तथ्य और शिकायतें रखी गई थीं और उनके बावजूद तत्कालीन जांच अधिकारी द्वारा क्या कार्रवाई की गई या क्यों नहीं की गई।
अब अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में?
एसआई के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि उस दिन थाने में मौजूद अन्य लोगों और मामले से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका क्या थी। पुलिस की आगामी जांच में यह स्पष्ट होगा कि नाबालिग को किस परिस्थिति में थाने से जाने दिया गया और उस दौरान कौन-कौन से लोग उसके साथ थे। फिलहाल पुलिस ने एसआई छाया राय के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संबंधित लोगों की भूमिका पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
एसडीओपी प्रशांत शर्मा के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश और पुलिस अधीक्षक के पत्र के आधार पर खनियाधाना थाने में एसआई के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।