शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पोहरी विधानसभा के बैराड कस्बे के किसानो की एक मांग से यह सिद्ध होता है कि जिल के कृषि विभाग के आफिस मे रिश्वत की फसल लहरा रही है,समय समय पर इस फसल पर नोटो के बंडल छिडके जाते है इस कारण यह फसल कर्मचारियो और अधिकारियो को मोटा मुनाफा दे रही है। किसानो ने मांग की है कि बैराड क्षेत्र मे लगभग 50 दुकानो पर खाद,बीज और कीटनाशक दवाए मिलती है,इनमे से 5 दुकानो पर लाइसेंस नही है।
अगर इस आकंडे का प्रतिशत निकाला जाए तो 90 प्रतिशत दुकानो का धंधा रिश्वत के आधार पर चल रहा है। किसानो की पीडा है कि इन दुकानो पर नकली ओर प्रतिबधिंत समाग्री बेची जाती है इस कारण उनको अर्थिक और समय का नुकसान होता है। किसानों ने कृषि विभाग से पूरे बैराड़ क्षेत्र में अभियान चलाकर दुकानों के लाइसेंस, बीज और कीटनाशकों के स्टॉक तथा उनकी गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
धड़ल्ले से बिक रहे अमानक बीज और दवाओं का आरोप
कृषकों जहान सिंह यादव, शिव सिंह रावत सहित अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि बैराड़ में कई जगहों पर कथित रूप से नकली या अमानक खाद-बीज और कीटनाशक बेचे जा रहे हैं। किसानों का यह भी दावा है कि कुछ दुकानों पर प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री भी हो रही है। किसानों के मुताबिक कई बार ऐसी कृषि सामग्री खेतों में इस्तेमाल करने के बाद फसल को नुकसान पहुंचा है।
उनका कहना है कि पिछले वर्षों में नकली बीज और कीटनाशकों के कारण किसानों की खड़ी फसलें खराब होने के मामले सामने आए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। किसानों की मांग है कि कृषि विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक दुकान से कृषि सामग्री के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराए।
इन इलाकों में संचालित हो रही हैं दुकानें
किसानों के अनुसार बैराड़ नगर में बीज भंडार और कृषि सेवा केंद्र के नाम से धौरिया रोड, माता रोड, मोहना-पोहरी रोड, बरौद रोड, पुरानी मंडी रोड और भदेरा घाटी सहित कई स्थानों पर कृषि सामग्री की दुकानें संचालित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि इन दुकानों पर बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री की बिक्री होती है। ऐसे में यदि किसी दुकान के पास वैध लाइसेंस नहीं है तो वहां से बिकने वाली कृषि सामग्री की गुणवत्ता और वैधता की जांच किया जाना बेहद जरूरी है।
नगर से गांव तक पहुंचा मामला
किसानों ने यह समस्या सिर्फ बैराड़ नगर तक सीमित नहीं बताई है। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर बिना लाइसेंस खाद, बीज और कीटनाशक बेचने की शिकायतें हैं।
किसानों के मुताबिक गोवर्धन, भौराना, गालीगढ़, खटका, पटेवरी, झिरी, मारौय, बूड़दा और ऐंचवाड़ा** सहित कई ग्रामीण इलाकों में भी कृषि सामग्री की दुकानों की जांच की जरूरत है।किसानों का कहना है कि यदि विभाग एक साथ पूरे क्षेत्र की दुकानों की जांच करे तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
जांच से पहले दुकानदारों को मिल जाती है सूचना
किसानों ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जब विभागीय टीम दुकानों की जांच के लिए पहुंचती है तो कुछ दुकानदारों को पहले ही इसकी सूचना मिल जाती है। इसके बाद दुकानदार दुकानें बंद कर मौके से चले जाते हैं और जांच टीम को मौके पर कुछ नहीं मिलता। किसानों ने मांग की है कि यदि विभाग वास्तव में अनियमितताओं पर अंकुश लगाना चाहता है तो बिना पूर्व सूचना के औचक जांच अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही दुकानों में रखे बीज और कीटनाशकों के नमूने लेकर उनकी लैब में जांच कराई जाए।
अधिकारी बोले- जांच के दौरान कुछ दुकानदार दुकानें बंद कर भाग जाते हैं
इस मामले में कृषि विभाग के एसडीओ मुकेश धनेलिया का कहना है कि विभाग द्वारा समय-समय पर कृषि सामग्री की दुकानों की जांच की जाती है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कुछ दुकानदार दुकान बंद कर मौके से चले जाते हैं।

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