पिछोर। विशेष न्यायाधीश किशोर कुमार गेहलोत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा करने, ज्यादती के मामले में आरोपी सनी रजक को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 3 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन के मुताबिक सनी रजक 28 मई 2023 को नाबालिग बालिका को उसके वैध संरक्षक की सहमति के बिना अपने साथ ले गया था। उसने नाबालिग के साथ ज्यादती की। भौंती थाना पुलिस ने नाबालिग को बरामद किया। बयान दर्ज किए। आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया। विवेचना के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।
न्यायालय ने सबूतों, गवाहों के आधार पर सनी रजक को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5 (एल)/6 में दोषी माना। 20 साल का सश्रम कारावास, 3 हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी। धारा 363 भादंसं में 3 वर्ष का सश्रम कारावास, 2 हजार रुपए अर्थदंड की सजा भी सुनाई। कोर्ट ने पीड़िता को 2 लाख रुपए प्रतिकर दिलाने के लिए संबंधित विधिक सेवा प्राधिकरण को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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