शिवपुरी। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मंच की व्यवस्था उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब महिला जनप्रतिनिधियों को मंच पर पीछे स्थान दिए जाने से नाराजगी सामने आ गई। सम्मानजनक स्थान नहीं मिलने से नाराज महिला जनप्रतिनिधियां मंच छोड़कर नीचे जनता के बीच जाकर बैठ गईं। अधिकारियों ने उन्हें वापस मंच पर लाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने तत्काल लौटने से इनकार कर दिया।
मामला बढ़ता देख विधायक देवेंद्र जैन स्वयं मंच से नीचे आए और महिला जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें मनाया। विधायक के आग्रह के बाद दोनों जनप्रतिनिधि वापस मंच पर पहुंचीं और उनके लिए अगली पंक्ति में सीट की व्यवस्था की गई।
बोलीं- जनता ने चुनकर भेजा है, मंच पर सम्मान भी मिलना चाहिए
कार्यक्रम के दौरान महिला जनप्रतिनिधियों की नाराजगी की वजह मंच पर बैठने की व्यवस्था बताई गई। उनका कहना था कि वे जनता के बीच से चुनकर आई हैं और जनप्रतिनिधि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुई हैं। मंच पर पहले ही महिला प्रतिनिधियों की संख्या कम है, इसके बावजूद उन्हें पीछे स्थान दिया गया। महिला जनप्रतिनिधियों का कहना था कि यदि मंच पर सम्मानजनक स्थान नहीं दिया जा रहा है तो उनके लिए जनता के बीच बैठना ही बेहतर है। इसके बाद वे मंच से नीचे उतर गईं और आम लोगों के बीच जाकर बैठ गईं। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। कुछ देर के लिए पूरा मामला कार्यक्रम के मुख्य आयोजन से ज्यादा मंच व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के सम्मान को लेकर चर्चा का विषय बन गया।
विधायक देवेंद्र जैन खुद नीचे आए, समझाइश के बाद बनी बात
स्थिति को संभालने के लिए विधायक देवेंद्र जैन स्वयं मंच से नीचे आए। उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें वापस मंच पर आने के लिए आग्रह किया। काफी समझाइश के बाद हेमलता रघुवीर रावत और गायत्री शर्मा मंच पर वापस पहुंचीं। इसके बाद मंच की अगली पंक्ति में दोनों के लिए सीट की व्यवस्था की गई। नई व्यवस्था के तहत पहले से अगली पंक्ति में बैठे कुछ पदाधिकारियों को पीछे की ओर बैठना पड़ा। महिला जनप्रतिनिधियों के वापस मंच पर आने के बाद कार्यक्रम आगे जारी रहा, लेकिन मंच पर हुई यह स्थिति कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
जिला पंचायत सदस्य भारती रावत भी कार्यक्रम से चली गईं
इसी कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य भारती रावत के कार्यक्रम छोड़कर जाने की बात भी सामने आई। बताया गया कि कार्यक्रम जिस जिला पंचायत वार्ड क्षेत्र में आयोजित किया गया था, भारती रावत उसी वार्ड की निर्वाचित सदस्य हैं। इसके बावजूद उन्हें मंच पर स्थान नहीं मिलने से नाराजगी की बात सामने आई। भारती रावत के कार्यक्रम से चले जाने के बाद उनके समर्थकों और परिजनों में भी नाराजगी देखी गई। उनका कहना था कि जिस क्षेत्र की जनता ने जनप्रतिनिधि को चुनकर भेजा है, उसी क्षेत्र में आयोजित बड़े कार्यक्रम में उन्हें उचित सम्मान और स्थान मिलना चाहिए था।
ससुर ने उठाए मंच व्यवस्था पर सवाल
भारती रावत के ससुर भूपेंद्र रावत ने भी कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब कार्यक्रम जिला पंचायत सदस्य के वार्ड क्षेत्र में आयोजित हो रहा था, तब उन्हें मंच पर सम्मानजनक स्थान दिया जाना चाहिए था। यदि जनप्रतिनिधि को ही मंच पर जगह नहीं मिले तो कार्यक्रम में रुकने का औचित्य क्या है। उन्होंने मंच व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के प्रतिनिधित्व का सम्मान है।
वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चा में
महिला जनप्रतिनिधियों के मंच से नीचे उतरने और विधायक देवेंद्र जैन के स्वयं नीचे जाकर उनसे बातचीत करने का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया। कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने मंच व्यवस्था के साथ-साथ महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि विधायक की समझाइश के बाद मामला तत्काल शांत हो गया और महिला जनप्रतिनिधि वापस मंच पर पहुंच गईं, लेकिन कार्यक्रम में हुई यह नाराजगी लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

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