शिवपुरी। शिवपुरी परिवहन विभाग मे सेवाए आफ गारंटी है यह हम नही कह रहे बल्कि यह मध्यप्रदेश सरकार ने स्वीकार करते हुए विधानसभा मे लगे एक प्रश्न के जबाब मे स्वीकार किया है। शिवपुरी जिले के पोहरी विधानसभा के कांग्रेस के विधायक ने सरकार के परिवहन विभाग के विधानसभा मे प्रश्न लगाए थे। इसके जबाब मे सरकार ने स्वीकार किया कि 31 सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के अंतर्गत अधिसूचित हैं,लेेकिन वर्तमान समय मे इन 31 सेवाओ में से एक भी सेवा लोकसेवा गारंटी की खिडकी पर उपलब्ध नही है,हालाकि इसका कारण भी बताया है।
विधानसभा में विधायक ने पूछा सीधा सवाल
विधायक कैलाश कुशवाहा ने विधानसभा में परिवहन विभाग की लोक सेवा गारंटी व्यवस्था को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि ग्वालियर संभाग में वर्तमान में परिवहन विभाग की अधिसूचित सेवाओं के कितने आवेदन लंबित हैं और पिछले तीन वर्षों में कितने आवेदन प्राप्त, निराकृत और लंबित रहे।
साथ ही यह भी पूछा गया कि निर्धारित समय-सीमा में काम नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कितने मामलों में अर्थदंड लगाया गया तथा कितने मामलों में विभागीय कार्रवाई हुई। सवाल सिर्फ पिछले तीन वर्षों तक सीमित नहीं था। विधायक ने पिछले 13 वर्षों में परिवहन विभाग के प्रदर्शन, मूल्यांकन और रैंकिंग से संबंधित समीक्षा रिपोर्ट, डैशबोर्ड और मासिक रिपोर्ट की जानकारी भी मांगी थी।
सरकार का जवाब-वांछित जानकारी देना संभव नहीं
परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जवाब में बताया कि परिवहन विभाग की 31 सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित हैं। सरकार के अनुसार, वर्ष 2022 में परिवहन विभाग ने केन्द्र सरकार के एनआईसी के वाहन पोर्टल के माध्यम से काम करना शुरू किया। इससे पहले इन सेवाओं के आवेदन तत्कालीन पोर्टल से एकीकृत थे और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण होने के साथ एमआईएस रिपोर्ट भी प्राप्त हो जाती थी। लेकिन वाहन पोर्टल पर काम शुरू होने के बाद इन सेवाओं को पोर्टल से एकीकृत करने और एमआईएस रिपोर्ट तैयार करने के लिए मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग ने एनआईसी को कई बार पत्र लिखे।
सवाल यह-गारंटी की निगरानी कैसे होगी
यहीं से पूरा मामला महत्वपूर्ण हो जाता है। लोक सेवा गारंटी कानून में नागरिक को निर्धारित समय-सीमा में सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। यदि काम समय पर नहीं होता है तो जिम्मेदारी तय करने और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की व्यवस्था भी कानून में है। यह आप और हम सभी जानते है कि परिवहन विभाग दलालो की चुंगल में धसा हुआ है आप बिना रिश्वत दिए हुए कोई काम नही करा सकते है।
अगर परिवहन विभाग की 31 सेवाए लोकसंवा गांरटी की खिडकी पर गांरटी मिलने लगेगी तो परिवहन अधिकारी की सीधी जबाब देही तय हो जाऐगी,और लोगो के काम समय पर करने होगें,लेकिन सरकार ने परिवहन विभाग की 31 सेवाए इस खिडकी से हटा ली है,और यह सेवाए शिवपुरी मे ही नही पूरे मध्यपदेश मे बंद है,जनता का भगवान कहने वाली सरकार भी लोकसेवा पर यातायात विभाग की सेवाए नही लाना चाहती है और वही कांग्रेस भी इस मुद्दे पर चुप हैं और यह चुप्पी क्यो है यह समझ से परे है।

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