शिवपुरी। शिवपुरी जिले में अलग-अलग इलाकों में हुई दो संदिग्ध मौतों ने पुलिस जांच के साथ कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बैराड़ के जाफरपुर में एक व्यक्ति का शव पुलिया के पास चोटिल हालत में मिला, तो फतेहपुर में 29 वर्षीय विवाहिता घर में फंदे पर मृत मिली। दोनों मामलों में मौत की वजह को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच अलग-अलग आशंकाएं सामने आ रही हैं।
एक मामले में पुलिस हादसे की संभावना जता रही है, जबकि दूसरे में मायके पक्ष ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। फिलहाल दोनों मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।
बैराड़ में पुलिया के पास मिला मोहर सिंह का शव
बैराड़ थाना क्षेत्र के ग्राम जाफरपुर निवासी मोहर सिंह रावत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शनिवार दोपहर मुड़ेरी की पुलिया के पास पवार के पौधों में उनका शव औंधे मुंह पड़ा मिला। शव के पास पत्थर भी पड़े हुए थे और मृतक की आंख के ऊपर तथा माथे पर चोट के निशान पाए गए। सिर में गंभीर चोट लगने की आशंका के चलते मामला अब हादसे और हत्या के बीच उलझ गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि मोहर सिंह नशे की हालत में पैदल जाते समय गिर गए होंगे और सिर में चोट लगने से उनकी मौत हुई होगी। हालांकि चोट के निशान और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि शव मिलने से एक दिन पहले मोहर सिंह ने अपने भतीजे के साथ बैठकर शराब पी थी। बताया जा रहा है कि शराब पीने के बाद वह काफी देर तक नशे की हालत में रहे थे। अगले दिन शनिवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच उनका शव मुड़ेरी की पुलिया के पास मिला।
सिरसौद थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गुर्जर के मुताबिक फिलहाल मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस हादसे की संभावना से इनकार नहीं कर रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि सिर पर लगी चोट मौत का कारण बनी या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
फतेहपुर में फंदे पर मिली 29 वर्षीय पुष्पा, हत्या के आरोप से बढ़ा मामला
दूसरी ओर शिवपुरी के फतेहपुर इलाके में 29 वर्षीय पुष्पा जाटव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुष्पा घर में फंदे पर लटकी मिली थीं। पति अल्पित जाटव ने इसे आत्महत्या बताया है, जबकि मायके पक्ष ने गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।
पुष्पा मूल रूप से नरवर जनपद के ठाठी गांव की रहने वाली थीं। करीब सात वर्ष पहले उनकी शादी फतेहपुर निवासी अल्पित जाटव से हुई थी। दंपती का चार वर्षीय बेटा है।
पति अल्पित के अनुसार वह मजदूरी करता है। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे खाना खाने के बाद वह काम पर चला गया था। उसके जाने के बाद पुष्पा ने कथित तौर पर फंदा लगा लिया। अल्पित का कहना है कि उनके चार वर्षीय बेटे ने सबसे पहले मां को फंदे पर देखा और इसकी जानकारी अपने दादा इन्द्रपाल को दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और पुष्पा को फंदे से नीचे उतारकर मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मायके पक्ष ने लगाए मारपीट और प्रताड़ना के आरोप
पुष्पा की मौत के बाद मामला उस समय गंभीर हो गया, जब मायके पक्ष ने पति पर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए। पुष्पा के भाई अशोक जाटव और ठाठी पंचायत के सरपंच का आरोप है कि पुष्पा के साथ पहले भी मारपीट की जाती थी। इसी वजह से वह कुछ समय के लिए मायके में भी रही थीं।
मायके पक्ष का दावा है कि पुष्पा की मौत दोपहर में नहीं, बल्कि सुबह ही हो गई थी। आरोप है कि पहले उसके साथ मारपीट की गई और गला दबाकर उसकी हत्या की गई, इसके बाद शव को फंदे पर लटकाया गया। परिजनों ने चार वर्षीय बच्चे के हवाले से भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुष्पा की मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार दोपहर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस घटनास्थल की स्थिति, परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
फिलहाल दोनों मामलों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मौत के पीछे वास्तव में क्या हुआ। जाफरपुर में मोहर सिंह की मौत हादसा थी या कोई और वजह, वहीं फतेहपुर में पुष्पा ने आत्महत्या की या उनकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया-इन सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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