भोपाल। मध्यप्रदेश की गर्भवती महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें सोनोग्राफी कराने के लिए सरकारी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यदि किसी सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन खराब है, विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं या किसी अन्य कारण से जांच संभव नहीं हो पा रही है, तो महिलाओं की सोनोग्राफी अब निजी सोनोग्राफी सेंटरों पर भी पूरी तरह निशुल्क कराई जाएगी। इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी,सुविधा संपूर्ण मध्यप्रदेश मे शुरू हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत इस नई व्यवस्था को लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गर्भवती महिला की जरूरी जांच केवल संसाधनों की कमी के कारण न रुके और समय पर मां व गर्भस्थ शिशु दोनों की स्वास्थ्य संबंधी निगरानी हो सके।
मोबाइल पर मिलेगा ई-वाउचर, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
नई व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पताल में जांच के दौरान यदि डॉक्टर सोनोग्राफी की सलाह देते हैं और सरकारी अस्पताल में सुविधा उपलब्ध नहीं होती, तो महिला के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से ई-वाउचर भेजा जाएगा। इसी ई-वाउचर के आधार पर वह सूचीबद्ध निजी सोनोग्राफी केंद्र पर जाकर बिना किसी शुल्क के जांच करा सकेगी। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और कैशलेस बनाया गया है, ताकि मरीज को किसी तरह का भुगतान न करना पड़े और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे,मुफ्त सोनोग्राफी केवल सरकारी अस्पताल मे डॉक्टर को दिखाने वाली गर्भवती महिलाओ के लिए है,केवल सरकारी पर्चे पर यह सुविधा स्वीकार होगी,किसी सरकारी डॉक्टर के प्राइवेट क्लिीनिक पर प्राइवेट पर्चे पर यह सुविधा सिस्टम मे नही है,इस बचत ओर राहत भरी योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाए सरकरी अस्पताल में ही अपना चैकअप कराए।
ओडीके ऐप और पोर्टल से होगी ऑनलाइन निगरानी
निजी केंद्रों पर होने वाली प्रत्येक सोनोग्राफी की रिपोर्ट और मरीज की पूरी जानकारी ओडीके (ODK) एप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। वहीं भुगतान की प्रक्रिया सुमन यूएसजी पोर्टल से संचालित होगी। पोर्टल पर निजी सेंटर संचालकों को अपने बैंक खाते सहित सभी आवश्यक विवरण दर्ज करने होंगे, जिसके बाद सरकार सीधे भुगतान करेगी। इस डिजिटल व्यवस्था से रिपोर्ट में हेराफेरी की संभावना कम होगी और गर्भवती महिला का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान होगी आसान
सुमन यूएसजी पोर्टल पर सोनोग्राफी की विशेष रिपोर्ट और निष्कर्ष दर्ज होने से डॉक्टरों को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान करने में आसानी होगी। इससे गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार शुरू किया जा सकेगा।
मां और नवजात की सुरक्षा को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सोनोग्राफी होने से गर्भस्थ शिशु के विकास, जन्मजात समस्याओं और गर्भावस्था से जुड़ी कई गंभीर जटिलताओं का प्रारंभिक चरण में पता लगाया जा सकता है। इससे समय पर इलाज संभव होगा और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी। यह व्यवस्था पूरे मध्यप्रदेश में लागू की जा रही है।
अधिकारियो का कहना हैं कि डिजिटल सिस्टम लागू होने से महिलाओं को समय पर मुफ्त जांच का लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक मरीज का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो सकेगा। इससे गर्भवती महिलाओं की निगरानी और उपचार पहले से अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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