शिवपुरी। शिवपुरी कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एक सरकारी स्कूलो मे पदस्थ शिक्षको का पोट्टी काण्ड सामने आया है। ग्रामीणो का कहना था कि हमारे गांव के स्कूल मे शिक्षक शौचालय जाते है और प्राथमिक स्कूल के बच्चो से पानी डलवाया जाता हैं। शिकायत करने पर मामला दर्ज करवाने की धमकी दी जाती है,हम कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिकायत करने आए है अगर शिक्षको को नही हटाया गया तो हम स्कूल मे बच्चो को भेजना बंद कर देगें।
मासूम के सवाल पर छाती में मारी लात
जानकारी के अनुसार निवासी ग्राम अमोला केशर खरवांचा की टपरी के रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के शिक्षक कमलेश आर्य और महेंद्र लोधी ने बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं। हाल ही की एक घटना का जिक्र करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि एक शिक्षक खुद फ्रेश होने के बाद बाहर आया और एक मासूम बच्चे को टॉयलेट में पानी डालने का आदेश दिया।
जब बच्चे ने मासूमियत से पूछा कि, सर, आप फ्रेश होकर आए हो, तो मैं पानी क्यों डालूं, बस इतनी सी बात पर शिक्षक आगबबूला हो गया और उसने बेरहमी से बच्चे की छाती में जोरदार लात मार दी।
हेडमास्टर की दबंगई-जो करना है कर लो, हम तो यही करवाएंगे
शिक्षकों की इन क्रूर हरकतों बाथरूम साफ करवाना, पानी भरवाना, जूठे बर्तन धुलवाना के कारण स्कूल में दर्ज पूरे 48 बच्चों ने खौफ के मारे स्कूल जाना बंद कर दिया है। आज स्थिति यह है कि पूरा का पूरा स्कूल खाली पड़ा है।
जब पीड़ित बच्चों के परिजनों ने इस अमानवीय कृत्य को लेकर स्कूल के हेडमास्टर से शिकायत की, तो उन्होंने अपनी गलती मानने के बजाय दबंगई दिखाते हुए कहा जो करना है वो कर लो, हम तो यहीं करवाएंगे। इसके अलावा जब ग्रामीणों ने शिक्षकों से बात करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और गाली-गलौज की गई।
वहीं गांव के रहने वाले ग्रामीण धर्मेन्द्र, मुकेश, सुरेंद्र, प्रकाश पाल, सतीश, नवलसिंह आदि ने कलेक्टर से कहा कि हमारे बच्चों से बाल मजदूरी करवाने और मारपीट करने वाले शिक्षक कमलेश आर्य और महेंद्र लोधी को स्कूल से तत्काल प्रभाव से हटाया जाए तथा बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल में सुरक्षित माहौल तैयार किया जाए। इसके अलावा गाली-गलौज और अभद्रता करने वाले शिक्षकों पर सख्त विभागीय कार्रवाई हो।
मासूम बच्चों के साथ हुई इस क्रूरता ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर शिकायत के बाद शिवपुरी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इन आरोपी शिक्षकों पर कब और क्या कार्रवाई करता है, ताकि मासूम बच्चों का शिक्षा के मंदिर से उठा भरोसा फिर से कायम हो सके।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।