शिवपुरी। करैरा कस्बे में स्थित जानकी माता मंदिर पर पूजा करने वाले 76 वर्षीय वृद्ध हरचरण प्रजापति की रविवार को उपचार के दौरान शिवपुरी मेडिकल कालेज में मौत हो गई। अस्पताल चौकी से सूचना मिलने पर रात 11 बजे उनका बेटा सुरेश प्रजापति इंदरगढ़ (दतिया) शिवपुरी पहुंचा।
पुलिस ने पीएम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मृतक की जेब से जमीन विवाद का एक शिकायती आवेदन मिला है, जिसमें एक लाइन अलग से लिखी है कि, इसी कारण मैं अपनी जान दे रहा हूं।
बेटे की शादी करके हो गए थे बाबा
मृतक के बेटे सुरेश प्रजापति निवासी इंदरगढ़, दतिया ने बताया कि मृतक हरचरण प्रजापति (76) उनके पिता हैं। माता का नाम केशर बाई है। पिता पहले वन विभाग में नौकरी करते थे, बाद में किसानी की। सुरेश के अनुसार, उसके पिता करीब 35 साल पहले उसकी शादी के बाद बाबा बन गए थे। सुरेश के अनुसार उसके पिता को बाबा बनने के लिए पिता की मां ने कहा था। इसके बाद से वह करैरा के जानकी मंदिर पर रहते थे और पूजा करते थे। मृतक का एक बेटा सुरेश और एक बेटी है। सुरेश के अनुसार घर छोड़ने के बाद वह कभी लौट कर घर नहीं गए। रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत की सूचना अस्पताल चौकी से मिली।
मेरे नाती ने धोखे से बिकचा दी मेरी जमीन
मृतक की जेब से एक हाथ लिखा आवेदन मिला है, जो इंदरगढ़ थाना पुलिस के नाम लिखा है। आवेदन में उन्होंने उल्लेख किया है मैं हरचरण प्रजापति पुत्र गणेश प्रजापति उम्र 75 साल निवासी दांतरे पेट्रोल पंप के आगे दतिया रोड इंदरगढ़ का रहने वाला हूं। मेरी चार बीघा जमीन गांगेंपुरा भोजा लहार जिला भिंड में है, जिसे मेरे नाती जितेन्द्र प्रजापति ने चालाकी से 15 लाख रुपये में बिकवा दी और सारे रुपये ले लिए। मांगने पर गाली-गलौज और मारपीट की। आवेदन के अंत में एक पंक्ति और लिखी मिली है। मैं प्रार्थी हरचरण प्रजापति इसी बाबत अपनी जान दे रहा हूं। यह आवेदन शिकायत के रूप में लिखा गया है या सुसाइड नोट के रूप में, यह स्पष्ट नहीं है। कागज पर इंदरगढ़ थाना प्रभारी को संबोधित है।
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