शिवपुरी। करैरा विकासखंड के लालपुर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षक दो दिन पूर्व शराब के नशे मे धुत्त पहुंचा था। शराब के नशे मे स्कूल बच्चो को पढाने पहुंचे शिक्षक का ग्रामीणो ने वायरल कर दिया था। इस मामले को शिवपुरी सामचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तत्काल प्रभाव से माध्यमिक शिक्षक राकेश कुमार बाथम को निलंबित कर दिया है। वहीं विद्यालय में पदस्थ दो अतिथि शिक्षकों सुदर्शन श्रीवास्तव और भूपेंद्र कौशल को भी सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुली पोल
यह मामला 4 अगस्त को उस समय सुर्खियों में आया, जब लालपुर माध्यमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में शिक्षक कथित तौर पर शराब के नशे में विद्यालय परिसर में अनुचित गतिविधियां करते नजर आए। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आ गया।
जांच टीम ने गांव पहुंचकर जुटाए साक्ष्य
जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त जांच दल का गठन किया। अगले ही दिन जांच टीम लालपुर पहुंची और विद्यालय का निरीक्षण किया। टीम ने ग्रामीणों, विद्यार्थियों, स्कूल स्टाफ तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान वायरल वीडियो का भी परीक्षण किया गया।
जांच रिपोर्ट में वीडियो को सही पाया गया और यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित शिक्षक का व्यवहार शिक्षकीय मर्यादा एवं सेवा आचरण के अनुरूप नहीं था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही थीं।
कलेक्टर ने दिखाई सख्ती
संयुक्त जांच रिपोर्ट और बीआरसीसी करैरा की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने माध्यमिक शिक्षक राकेश कुमार बाथम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, खनियांधाना निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी ने बीईओ करैरा को निर्देश दिए हैं कि विद्यालय में पदस्थ अतिथि शिक्षक सुदर्शन श्रीवास्तव और भूपेंद्र कौशल को सेवा से हटाने की नियमानुसार कार्रवाई तत्काल प्रारंभ की जाए।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
जांच के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और प्रशासन को लिखित पंचनामा सौंपकर तीनों शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों और विद्यार्थियों का कहना था कि विद्यालय में इस प्रकार की शिकायतें पहले भी सामने आती रही थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस बार वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालयों में बच्चों के भविष्य से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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