शिवपुरी। नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुर की 19 वर्षीय युवती और सीहोर थाना क्षेत्र के ग्राम गगोनी कांकर निवासी 23 वर्षीय युवक के विवाह का मामला अब सुरक्षा की मांग तक पहुंच गया है। दोनों ने अपनी मर्जी से विवाह करने के बाद कथित तौर पर युवती के परिजनों से धमकियां मिलने का आरोप लगाया है। जान-माल की सुरक्षा को लेकर दोनों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। वहीं, दंपती ने अपने आवेदन में माननीय उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश का भी हवाला दिया है।
मामले में आवेदक गंगा कुशवाह पुत्री मोहन लाल कुशवाह, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम सुल्तानपुर थाना नरवर और अशोक कुशवाह पुत्र पूरन सिंह कुशवाह, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम गगोनी कांकर थाना सीहोर ने 8 अगस्त 2026 को सुरक्षा के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है।
आर्य समाज संस्थान में किया विवाह
आवेदन के अनुसार दोनों युवक-युवती बालिग हैं और अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने में सक्षम हैं। दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी चुनने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने 20 जुलाई 2026 को ग्वालियर स्थित आर्य समाज संस्कृति संस्थान, जिन्सी मार्ग नंबर-2 में विवाह कर लिया। विवाह के बाद दोनों ने अपने विवाह से संबंधित प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया है। सुरक्षा के लिए दिए गए आवेदन के साथ विवाह प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न किए जाने की बात कही गई है।
परिवार से धमकियों का आरोप
विवाह के बाद मामला उस समय गंभीर हो गया, जब युवती के परिवारजनों की ओर से कथित तौर पर धमकियां मिलने का आरोप लगाया गया। आवेदन में कहा गया है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण दोनों को अपनी जान-माल और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। दंपती का कहना है कि उन्होंने अपनी इच्छा और आपसी सहमति से विवाह किया है। ऐसे में उन्हें बिना किसी भय के जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। इसी को लेकर उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
हाई कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
आवेदन में दोनों ने माननीय उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में प्रस्तुत WP 29223/2026 का भी उल्लेख किया है। आवेदकगण का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेश के पालन में उन्हें जान-माल की सुरक्षा उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की है कि युवती के परिवारजनों को समझाइश दी जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की धमकी या परेशानी का सामना न करना पड़े और वे अपनी स्वतंत्रता एवं गरिमा के साथ जीवन-यापन कर सकें।
पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा की मांग
दंपती ने अपने आवेदन में पुलिस प्रशासन से स्पष्ट रूप से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही विवाह प्रमाण पत्र और हाई कोर्ट के आदेश की प्रति भी संलग्न की गई है। अब यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रेम विवाह के बाद कथित धमकियों के बीच दोनों ने सीधे कानून और प्रशासन की शरण ली है। दोनों का कहना है कि वे बालिग हैं और अपनी इच्छा से विवाह कर चुके हैं। ऐसे में उनका मुख्य उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराना है।
फिलहाल आवेदन के आधार पर पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आगे स्पष्ट होगा। मामले में दोनों पक्षों के दावों और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही पूरी स्थिति सामने आ सकेगी।

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