शिवपुरी। खबर शिवपुरी जिले की शिक्षा को लेकर मिल रही है। शिवपुरी जिले के 3 सैकडा से अधिक जर्जर हो चुके है। डीपीसी कार्यालय शिवपुरी ने एक सूची तैयार कर शिक्षा विभाग से बजट मांगा था बजट मिला उंट के मुंह मे जीरे के समान मात्र 75 लाख,वह भी अभी पूरा नही प्राप्त नही हुआ था। शिवपुरी के छतिग्रस्त स्कूलो के लिए सरकार ने पैसा देने से हाथ खडे कर दिए थे।
सरकारी स्कूलो मे शिक्षा खतरे मे थी,बच्चे स्कूली विषयो के अतिरिक्त डर के सब्जेक्ट का प्रेटिकल भी ले रहे थे
,शिवपुरी समाचार ने इस सब्जेक्ट पर खबर का प्रकाशन 10 अगस्त को खतरे के साए मे शिक्षा, सरकार के पास बजट का टोटा, फिर भी स्कूल चले हम हैडलाइन से प्रकाशित किया था,स्कूल के डर के सब्जेक्ट पर कलेक्टर शिवपुरी ने कमाल कर दिया। बिना राज्य शासन की मदद से शिवपुरी स्तर से ही 6 करोड बजट की व्यवस्था कर दी। अब उम्मीद है सरकारी स्कूलो की पानी टपकती छतो के नीचे पढने वाले बच्चो के सिलबर्स से डर का सब्जेक्ट गायब हो जाऐगा।
,शिवपुरी समाचार ने इस सब्जेक्ट पर खबर का प्रकाशन 10 अगस्त को खतरे के साए मे शिक्षा, सरकार के पास बजट का टोटा, फिर भी स्कूल चले हम हैडलाइन से प्रकाशित किया था,स्कूल के डर के सब्जेक्ट पर कलेक्टर शिवपुरी ने कमाल कर दिया। बिना राज्य शासन की मदद से शिवपुरी स्तर से ही 6 करोड बजट की व्यवस्था कर दी। अब उम्मीद है सरकारी स्कूलो की पानी टपकती छतो के नीचे पढने वाले बच्चो के सिलबर्स से डर का सब्जेक्ट गायब हो जाऐगा।
दो साल पहले भेजे प्रस्ताव, लेकिन बजट में अटके स्कूल
डीपीसी कार्यालय शिवपुरी की ओर से करीब दो साल पहले जिले के जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजे गए थे। प्रस्ताव के आधार पर इनमें से केवल 96 स्कूलों की मरम्मत के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल सकी। स्वीकृति मिलने के बावजूद पूरी राशि एक साथ जारी नहीं हो सकी। शुरुआती तौर पर करीब 75 लाख रुपए ही जारी हुए। सीमित राशि के कारण जिन स्कूलों को स्वीकृति मिली थी, उनमें भी मरम्मत का काम पूरी तरह नहीं हो पाया। अब अगस्त में पुराने स्वीकृत बजट में से करीब 50 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। इसके बावजूद करीब 25 लाख रुपए की राशि अभी भी शेष बताई जा रही है। यानी स्वीकृत राशि और जारी बजट के बीच की यह देरी भी कई स्कूलों के मरम्मत कार्य को प्रभावित कर रही है।
313 स्कूलों की हालत, बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
जिले के 313 स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें दो साल से ज्यादा समय से मरम्मत बजट का इंतजार है। इन स्कूलों की स्थिति अलग-अलग है, लेकिन कई जगह भवनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं में बच्चों को बैठाना मुश्किल हो जाता है। कहीं दीवारों और फर्श की हालत खराब है तो कहीं भवन की मरम्मत की तत्काल जरूरत है।
कलेकटर का कमाल,शिवपुरी का खनिज विभाग देगा पैसा
शासन से स्कूल मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिलने के बीच अब जिला प्रशासन ने खनिज प्रतिष्ठान मद की राशि का उपयोग करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को कलेक्टर अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में हुई जिला खनिज प्रतिष्ठान समिति की बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि जिले के जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके शासकीय स्कूल भवनों की मरम्मत के साथ-साथ पेयजल से जुड़े जरूरी कामों में भी खनिज मद की राशि खर्च की जाएगी। कलेक्टर ने बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्रों में ऐसे स्कूलों और पेयजल समस्या वाले स्थानों की सूची मांगी है, जहां काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना जरूरी है।
स्कूलों की मरम्मत और पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के ऐसे शासकीय स्कूलों की सूची तैयार की जाए, जहां भवन की मरम्मत, अतिरिक्त कक्ष निर्माण या अन्य निर्माण कार्य तत्काल जरूरी हैं। इसी तरह जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है, वहां स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएमएफ में 6 करोड़ से ज्यादा उपलब्ध
जिला खनिज अधिकारी राम सिंह उईके ने बैठक में बताया कि वर्ष 2026 में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में 76.51 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई है। वहीं वर्तमान में इस मद में करीब 6 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध है। इस राशि का उपयोग नियमानुसार खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और पर्यावरण सुधार जैसे कार्यों पर किया जाएगा।
अब उम्मीद बजट से नहीं, फैसले के अमल से
जिले के 313 जर्जर स्कूल दो साल से बजट का इंतजार कर रहे स्कूलों के लिए डीएमएफ की राशि उम्मीद की नई किरण जरूर है,यह पैसा खनन प्रभावित वाले क्षेत्रो मे स्थित स्कूलो में खर्च होगा,अब जर्जर स्कूलो की 313 लिस्ट मे से एक सैकडा स्कूलो का आंकडा कम होने की उम्मीद है। अब बारिश में टपकती छतों, जर्जर दीवारों और असुरक्षित कमरों के बीच पढ़ने वाले बच्चों को बड़ी राहत मिल सकती है।
बैठक में ये जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
जिला खनिज प्रतिष्ठान समिति की बैठक में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, करैरा विधायक रमेश प्रसाद खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा अमित यादव और नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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