शिवपुरी। वर्तमान समय मे नगर पालिका शिवपुरी के सफाईकर्मी अपनी मांगो को लेकर हडताल पर अड गए है इस कारण उनके सफाई के अस्त्र शस्त्र भी शांति धारण करे हुए है। इस कारण शहर की सडको पर कचरे का ग्रहण लग गया है। आज हडताल का चौथा दिन है। बीते मंगलवार को चली मैराथन बैठक मे किसी भी मुद्दे पर सहमति नही बनी इस कारण हडताल अभी समाप्त होने के असार नही दिखाई दे रही है,बुधवार को अवकाश होने के कारण आज फिर हडतालियो से बातचीत होगी,अब शहर की नजर इस बातचीत है कि आज क्या हो सकता है।
पालिका के सफाईकर्मियों, पार्क कर्मचारियों और ड्राइवरों की हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद, बुधवार को सरकारी अवकाश होने के कारण प्रशासन और हड़तालियों के बीच कोई संवाद नहीं हो सका। नतीजतन, पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है।
सबसे पहला सवाल क्यों हड़ताल पर हैं कर्मचार?
नगर पालिका शिवपुरी के लगभग 605 कर्मचारी (400 सफाईकर्मी, 135 पार्क कर्मचारी और 70 ड्राइवर) सोमवार से काम बंद कर हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मुख्य नाराजगी इन मुद्दों को लेकर है, कर्मचारी लंबे समय से अपनी नौकरी को स्थायी करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उनके वेतन (करीब 1.80 करोड़ रुपये प्रतिमाह) में से हर महीने पीएफ, पेंशन व बीमा प्रीमियम के नाम पर 50 लाख रुपये से अधिक की कटौती तो की जाती है, लेकिन यह राशि संबंधित खातों में जमा नहीं कराई जा रही है।
छुट्टी के दिन भी इंतजार करते रहे कर्मचारी
मंगलवार को सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल की नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ यशवंत राठौर के साथ हुई बैठक विफल रही थी। बुधवार को सरकारी छुट्टी होने के बावजूद, सफाई कर्मचारी इस उम्मीद में नगर पालिका कार्यालय में डटे रहे कि शायद कोई अधिकारी उनसे बातचीत करने आए। लेकिन संगठन नेताओं के अनुसार, न तो नपाध्यक्ष और न ही सीएमओ वहां पहुंचे।
बारिश से मंडरा रहा है बीमारी का खतरा
हड़ताल के कारण शहर के गली-मोहल्लों में कचरा उठना बंद हो गया है। हालांकि, बारिश के कारण फिलहाल कचरा उड़ता हुआ नजर नहीं आ रहा है, लेकिन अगर हड़ताल लंबी खिंची, तो भीगता हुआ कचरा सड़ेगा और पूरे शहर में भयंकर दुर्गंध और बीमारियों का कारण बन सकता है।
प्रशासन का क्या कहना है?
प्रशासन का दावा है कि वे कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर हैं। गुरुवार को कार्यालय खुलने पर एक बार फिर फाइनल राउंड की बातचीत होने की उम्मीद है।
इनका कहना हैं
हम कल (गुरुवार) एक बार फिर फाइनल बातचीत करके देखेंगे। हमने चार महीने के ईपीएफ की 98 लाख रुपये की राशि जमा कर दी है। जो कुछ बचा है, वह भी जल्द जमा कर दिया जाएगा। उनकी 11 मांगों में से 8 पूरी हो चुकी हैं, केवल 3 बची हैं। नियमितीकरण के लिए कागजात इकट्ठे करने में समय लगेगा, हम पूरी प्रक्रिया कर वरिष्ठ कार्यालय भेज देंगे। जो पात्रता रखेगा, उसका काम हो जाएगा।
यशवंत राठौर, सीएमओ, नगर पालिका शिवपुरी

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