Kuno - मादा ​चीता निर्वा लापता, नही मिल रही लोकेशन BHF की 5 टीमें जंगल में उतारी

Lalit Mudgal
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shivpuri-samachar

भोपाल। शिवपुरी-श्योपुर जिले की सीमा पर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक चिंता भरी खबर मिल रही है कि मादा चीता निर्वा की लोकेशन पिछले 7 दिनो से रडार पर नही दिख रही है,इस कारण पार्क प्रबंधन की चिंताए बढ गई है। मादा चिता निर्वा 7 दिन से मॉनिटरिंग टीम की पकड़ बाहर है। उसकी लोकेशन और सैटेलाइट से सिग्नल नहीं मिल रहे हैं। इसके बाद पार्क प्रबंधन ने बीएचएफ लेकर पांच टीमें जंगल में उतारी हैं।
टीमें सिग्नल की दिशा के आधार पर निर्वा को तलाश रही हैं। हालांकि सचिंग को लेकर पार्क प्रबंधन की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। उनकी ओर से सिर्फ यह बताया जा रहा है है कि कूनो नेशनल पार्क में सभी चीते सकुशल हैं।

7 दिन से निर्वा के सैटेलाइट सिग्नल नहीं मिल रहे हैं। इसके बाद मॉनिटरिंग टीम अब रेडियो सिग्नल के जरिए उसकी तलाश कर रही है। जंगल में संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर टीमें लगातार सर्च कर रही हैं। बारिश के कारण घनी वनस्पति और जंगल में बढ़ी नमी के बीच सर्च ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल निर्वा के साथ किसी अनहोनी की पुष्टि नहीं हुई है। 

मानसून में चीतों की सुरक्षा को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि पिछले तीन वर्षों में कूनो में बारिश के दौरान अलग-अलग घटनाओं में पांच चीते जान गंवा चुके हैं। ऐसे में निर्वा का लगातार सात दिन तक ट्रेस नहीं होना प्रबंधन के लिए चुनौती बना हुआ है। पार्क प्रबंधन की ओर से निर्वा के के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रेस रिलीज के माध्यम से देने की बात कही गई है।

मानसून में यह चीते गंवा चुके हैं जान
पिछले तीन मानसून कूनो के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं। 2023 में लगातार बारिश के दौरान रेडियो कॉलर के नीचे संक्रमण से सूरज, तेजस और टिब्लिसी की मौत हुई थी। 2024 में चीता पवन बारिश के दौरान नाले में मृत मिला था। 2025 में ज्वाला की करीब 19 माह की मादा शावक की मौत तेंदुए से संघर्ष में हुई थी।

शिकारियों के पकड़े जाने से भी डरः चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि पिछले तीन मानसून में कूनो में अलग-अलग कारणों से पांच चीतों की जान जा चुकी है। वहीं, पिछले दिनों कूनो में शिकार की घटनाओं से जुड़े संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद ‌निर्वा के साथ किसी तरह की अनहोनी की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

मानसून में इस साल युवा चीते भी खुले में घूम रहे इस बार चुनौती इसलिए भी अलग है क्योंकि खुले जंगल में भारत में जन्मे युवा चीते भी मौजूद हैं। तेज बारिश, उफनते नाले, घनी वनस्पति, शिकार की उपलब्धता में बदलाव और दूसरे शिकारी वन्यजीवों से संघर्ष जैसी प्राकृतिक चुनौतियों के बीच इन चीतों का यह पहला मानसून है। गनीमत यह रही कि इस साल मानसून कमजोर रहा है।

कूनो पार्क के सभी चीते ठीक हैं
कूनो पार्क के सभी चीते ठीक हैं। इससे अधिक कुछ नहीं बताया जाएगा, जो भी जानकारी होगी, इस संबंध में वह प्रेस रिलीज करके दी जाएगी। 
उत्तम कुमार शर्मा, सीसीएफ कूनों नेशनल पार्क मप्र
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