शिवपुरी। शिवपुरी जिले के नरवर नगर में एक 2 मंजिल भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस भवन निर्माण पर आपत्ति लगी है, शिकायत भी की गई है। बताया जा रहा है कि यह भवन उस स्थान पर निर्माण किया जा रहा है, जहां एनजीटी ने किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा रखी है, भवन निर्माण की परमिशन भी नहीं है। जब नगर परिषद के कर्मचारी इस भवन का निर्माण रोकने गए तो नगर पंचायत के कर्मचारियों को पुलिस से उठवा दिए जाने की खबर है।
पहले आप समझें मामले को
विषय :- बिना अनुमति अवैध भवन निर्माण करने बाबत।
उपरोक्त विषयांतर्गत लेख है कि श्री पीयूष माहेश्वरी द्वारा सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत क्रमांक 39089924 दर्ज कराई गई है, जिसके अनुसार आपके द्वारा बायपास रोड हनुमान मंदिर के पास वार्ड 03 में नाले के स्थान पर कब्जा कर अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है।
अतः आपको सूचित किया जाता है कि आप तत्काल निर्माण कार्य बंद कर शिकायतित स्थान के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज एवं भवन निर्माण की वैध अनुमति, डायवर्सन, नामांतरण एवं टैक्स रसीद इस कार्यालय को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। अन्यथा बिना अनुमति निर्माण पाए जाने अथवा भवन निर्माण जारी पाए जाने पर आपके विरुद्ध मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 एवं 223 के तहत वैधानिक कार्रवाई कर नियमानुसार अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिसका समस्त उत्तरदायित्व आपका होगा।
सीएमओ नगर परिषद नरवर द्वारा श्री पवन जैन पुत्र श्री महावीर प्रसाद जैन को भवन निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के बाद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। बताया जा रहा है कि पवन जैन ने इस भवन की परमिशन 2017 में ली गई थी। 1350 वर्गफुट निर्माण की परमिशन दी गई थी। परमिशन पर स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि यह परमिशन 1 वर्ष के लिए वैध है, लेकिन इस भवन का निर्माण परमिशन के 9 साल बाद किया जा रहा था।
परमिशन को रिन्यूअल नहीं कराया। इस अवधि में नरवर के किले की खाई को लेकर एक मामला एनजीटी में सुनवाई के रूप में चल रहा है। यह एनजीटी के द्वारा निर्माण प्रतिबंधित क्षेत्र भी है, कुछ निर्माणों की जांच भी एनजीटी में चल रही है। आज जब नरवर नगर परिषद के आरआई धर्मेंद्र कोली और मनोज सक्सेना कर्मचारी निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे तो उनको पुलिस के द्वारा थाने बुलवा लिया गया। यह बात नरवर नगर पंचायत के अध्यक्ष पदमा संदीप माहेश्वरी ने स्वीकार की है।
कुल मिलाकर बिना परमिशन के, बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण किया जा रहा है। रुकवाने गए कर्मचारियों को पुलिसिया डर दिखाया गया। नगर पालिका सीएमओ प्रवीण कुमार नरवरिया को इस बात का आवेदन तत्काल पुलिस को देना था, लेकिन दिया नहीं गया। बताया जा रहा है कि नरवर में इस बिल्डिंग को राजनीतिक सहारा है, इस कारण सीएमओ डर रहे हैं और कार्रवाई करने से बच रहे हैं।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।