शिवपुरी। नरवर में इन दिनों खाद की जरूरत और किसानों की बेचैनी का आलम ऐसा है कि खाद की दुकानों के बाहर सुबह से ही किसानों की भीड़ जुटने लगी है। सोमवार को खाद लेने के लिए किसानों के बीच अपनी बारी पहले पाने की होड़ दिखाई दी। इसी दौरान किसान लाइन लगाने के लिए दौड़ते नजर आए। मौके का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खाद के लिए किसानों की आपाधापी साफ दिखाई दे रही है।
हालांकि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हुई और किसान अपनी-अपनी जगह पहुंचकर कतार में खड़े हो गए। खास बात यह रही कि खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में महिला किसान भी पहुंचीं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल व्यवस्था संभाली और किसानों को ऑफलाइन टोकन वितरित कर खाद वितरण की प्रक्रिया शुरू कराई। टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों की भीड़ व्यवस्थित होती नजर आई और बिना किसी बड़े विवाद के खाद वितरण जारी रहा।
दुकानों पर स्टॉक, फिर भी किसानों की परेशानी क्यों
खाद को लेकर किसानों की परेशानी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हुआ कि जब दुकानों पर खाद उपलब्ध है तो किसानों को आसानी से खाद क्यों नहीं मिल पा रही थी। इसी शिकायत के बाद नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया।
तहसीलदार ने मां कालका ट्रेडर्स और बालाजी ट्रेडर्स का किया निरीक्षण
तहसीलदार ने मां कालका ट्रेडर्स और बालाजी ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों पर करीब 2000 बोरी यूरिया और 800 बोरी डीएपी खाद उपलब्ध होना बताया गया। इसके बावजूद किसानों को खाद नहीं मिलने की शिकायत सामने आने पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
इसके बाद तहसीलदार स्वयं खाद वितरण केंद्रों पर पहुंचे और किसानों को ऑफलाइन टोकन वितरित कराए। उन्होंने दोनों दुकान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि टोकन के क्रम के अनुसार किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाए।
खाद विक्रेताओं को चेतावनी—मनमानी की तो लाइसेंस होगा निरस्त
प्रशासन ने खाद विक्रेताओं को भी साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए। खाद की अधिक कीमत वसूलने, स्टॉक छिपाने, कालाबाजारी करने या वितरण व्यवस्था में किसी तरह की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन होने पर लाइसेंस निरस्त करने, दुकान संचालन से प्रतिबंधित करने और जुर्माना लगाने के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस सख्ती के बाद खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों को खाद के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होने दिया जाएगा और उपलब्ध स्टॉक का नियमानुसार वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
27 मीट्रिक टन यूरिया गोदाम में मिला, बंद दुकान की भी जांच
इधर किसान खाद भंडार के गोदाम को लेकर भी शिकायत सामने आई है। जानकारी के मुताबिक गोदाम में करीब 27 मीट्रिक टन यूरिया यानी लगभग 594 कट्टे रखे होने की सूचना मिली है।शिकायत यह भी है कि संबंधित दुकान पिछले 8 से 10 दिनों से बंद रखी गई थी और खाद का स्टॉक गोदाम में जमा किया गया था। इस मामले को लेकर प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है।
तहसीलदार ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि स्टॉक छिपाने, खाद का अवैध भंडारण करने या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के लिए राहत या अभी और इंतजार
नरवर में खाद को लेकर पैदा हुई स्थिति ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, तो वितरण व्यवस्था में किसानों को लाइन और धक्कामुक्की की स्थिति से क्यों गुजरना पड़ रहा है। फिलहाल प्रशासन ने टोकन व्यवस्था लागू कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की है।
अब किसानों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में खाद वितरण व्यवस्था कितनी सुचारू रहती है और दुकानों पर उपलब्ध यूरिया-डीएपी वास्तव में जरूरतमंद किसानों तक कितनी आसानी से पहुंचता है। फिलहाल नरवर में प्रशासन की सख्ती के बाद खाद के लिए होने वाली दौड़-भाग पर कुछ हद तक ब्रेक लगा है, लेकिन किसानों की परेशानी पूरी तरह खत्म हुई है या नहीं, इसका असली पता आने वाले दिनों में खाद वितरण की व्यवस्था से ही चलेगा।
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