शिवपुरी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे शिवपुरी जिले के किसानों के लिए अब चिंता बढ़ने लगी है। जिले में पिछले आठ दिनों से मानसून पूरी तरह थमा हुआ है, जिससे खेतों में नमी तेजी से खत्म हो रही है और खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बोवनी पूरी होने के बाद किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, लेकिन बादल बरसने का नाम नहीं ले रहे। लगातार बारिश नहीं होने से जिले के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई के बाद से जिले की आठ तहसीलों में एक बूंद भी बारिश दर्ज नहीं हुई, जबकि बीते 24 घंटों में केवल शिवपुरी शहर में 9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को कोई खास राहत नहीं मिल सकी।
सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश
मौसम केंद्र के अनुसार इस समय तक जिले में 232.7 मिमी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 159.3 मिमी वर्षा ही दर्ज की गई है। यानी जिले में सामान्य से करीब 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जिले की वार्षिक औसत वर्षा 816.3 मिमी निर्धारित है, जबकि अब तक औसत वर्षा केवल 159.81 मिमी ही पहुंच सकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ की फसलों, विशेषकर सोयाबीन, मक्का और उड़द की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कई खेतों में पौधों की बढ़वार रुकने लगी है और मिट्टी में नमी लगातार कम हो रही है।
तापमान भी बढ़ा, उमस ने बढ़ाई परेशानी
बारिश रुकने के साथ ही तापमान में भी इजाफा होने लगा है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में **एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। बारिश नहीं होने से दिन में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़कों पर दोपहर के समय मृग मरीचिका (मिराज) जैसे दृश्य भी दिखाई देने लगे।
आज बारिश के आसार, यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने शनिवार को जिले के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही झंझावत, तेज हवा और वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे में यदि मानसून फिर सक्रिय होता है तो किसानों को राहत मिल सकती है। फिलहाल पूरे जिले की निगाहें आसमान पर टिकी हैं, क्योंकि आने वाले कुछ दिन खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
बैराड़ सबसे सूखा, शिवपुरी शहर में सबसे अधिक बारिश
जिले की तहसीलों में बारिश का वितरण भी असमान रहा है। अब तक बैराड़ में सबसे कम 70 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि शिवपुरी शहर में सबसे अधिक 256.20 मिमी वर्षा हुई है।
नरवर – 233 मिमी
कोलारस – 197 मिमी
करैरा** – 169.80 मिमी
बदरवास – 142.80 मिमी
पिछोर – 131 मिमी
पोहरी – 121 मिमी
खनियाधाना – 117.50 मिमी
बैराड़ – 70 मिमी

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