शिवपुरी। शिवपुरी-कोलारस मार्ग पर एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और मरीजों की मजबूरी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक घायल युवक के हाथ में ड्रिप लगी हुई है और उसे बाइक पर बैठाकर कोलारस से शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा है। पहली नजर में यह दृश्य किसी फिल्मी दृश्य जैसा लगता है, लेकिन पड़ताल में सामने आया कि यह वास्तविक घटना है।
जानकारी के अनुसार, कोलारस थाना क्षेत्र के सरजापुर गांव में बुधवार दोपहर जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि गांव के ही कुछ लोगों ने दयालू जाटव और उनके बेटे राजेश जाटव के साथ मारपीट कर दी। दोनों घायल अवस्था में कोलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया।
घायल दयालू जाटव की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अस्पताल में उनके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई थी, लेकिन परिजन किसी कारणवश एंबुलेंस का इंतजार किए बिना ही उन्हें हाथ में ड्रिप लगी अवस्था में बाइक पर बैठाकर मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हो गए।
रास्ते में बना वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
कोलारस से शिवपुरी के बीच रास्ते में किसी राहगीर ने घायल को ड्रिप के साथ बाइक पर जाते देखा और उसका वीडियो बना लिया। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में घायल मरीज बाइक पर बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि उसके हाथ में लगी ड्रिप भी साफ नजर आ रही है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने मरीज की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
उधर, जमीन विवाद में हुई मारपीट के मामले में कोलारस पुलिस ने दयालू जाटव और उनके बेटे राजेश जाटव के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सीएमएचओ ने दी सफाई
मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि घायल दयालू जाटव को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। अस्पताल की ओर से उनके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन साथ आए परिजन अपनी इच्छा से उन्हें बाइक पर लेकर रवाना हो गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीज को सुरक्षित परिवहन की सुविधा देने का प्रयास किया गया था।
इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर लोग इसे परिजनों की जल्द से जल्द इलाज कराने की बेचैनी मान रहे हैं, तो दूसरी ओर मरीज को ड्रिप लगी हालत में बाइक से ले जाना सुरक्षा और चिकित्सकीय दृष्टि से गंभीर जोखिम बताया जा रहा है।

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