शिवपुरी। लवमैरिज के बाद नवविवाहित जोड ने अपनी सुरक्षा को लेकर एसपी शिवपुरी से आग्रह किया है। पिछोर तहसील के ग्राम शाजापुर निवासी छाया परिहार ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को आवेदन देकर बताया है कि उसने अपनी इच्छा से गांव के ही धर्मेन्द्र गुर्जर से आर्य समाज पद्धति से विवाह किया है। विवाह के बाद से दोनों को जान-माल का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते वे अपने गांव लौटने की बजाय ग्वालियर में रहने को मजबूर हैं।
13 जुलाई को आर्य समाज में किया विवाह
आवेदन में छाया परिहार ने बताया कि वह बालिग है, मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह सक्षम है तथा अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने का अधिकार रखती है। उसने 13 जुलाई 2026 को ग्वालियर में आर्य समाज पद्धति से धर्मेन्द्र गुर्जर के साथ स्वेच्छा से विवाह किया। विवाह के बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे हैं।
मायके पक्ष और रिश्तेदारों से खतरे का दावा
युवती का आरोप है कि इस विवाह से उसके मायके पक्ष, कुछ रिश्तेदार और गांव के कुछ लोग नाराज हैं। आवेदन में कहा गया है कि वह अपने घर से बिना नकदी, जेवर या अन्य सामान लिए निकली थी, इसके बावजूद उस पर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। छाया ने आशंका जताई है कि नाराज लोग उसके और उसके पति के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना कर सकते हैं। साथ ही उसके ससुराल पक्ष को भी नुकसान पहुंचाने या साजिश के तहत झूठे पुलिस प्रकरण में फंसाने का प्रयास किया जा सकता है।
गांव लौटने से डर रहे पति-पत्नी
आवेदन में कहा गया है कि सुरक्षा को लेकर बने भय के कारण नवविवाहित दंपती अपने गांव और घर नहीं लौट पा रहे हैं तथा फिलहाल ग्वालियर में रह रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उन्हें सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक गांव लौटना उनके लिए जोखिम भरा है।
एसपी से सुरक्षा की मांग
छाया परिहार ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि उनके आवेदन को प्रेम विवाह की सूचना के रूप में दर्ज करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें, उनके पति तथा ससुराल पक्ष को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या नुकसान से बचाया जा सके। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि भविष्य में उनके या उनके ससुराल पक्ष के साथ कोई अप्रिय घटना होती है अथवा उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जाता है, तो इसके लिए आवेदन में उल्लेखित लोगों को जिम्मेदार माना जाए। युवती ने अपने आवेदन के साथ विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड की प्रति भी पुलिस को उपलब्ध कराई है।

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