बैराड। शिवपुरी जिले के पोहरी अनुविभाग के बैराड़ थाना सीमा में दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया हैं, आरोप है कि कार की मांग पूरी नहीं होने पर पहले उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, कमरे में बंद रखा गया, भोजन तक नहीं दिया गया और आखिरकार घर से निकाल दिया गया। समाज और परिवार के कई प्रयास भी रिश्ते को नहीं बचा सके। अब बैराड़ थाना पुलिस ने पति, ससुर और जेठ के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बैराड़ निवासी आरती नामदेव उम्र 25 साल पत्नी कृष्णा नामदेव ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी शादी 7 मई 2025 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। विवाह के समय उसके पिता ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार नकद राशि, बाइक, सोने-चांदी के आभूषण, टीवी, कूलर, डबल बेड, वॉशिंग मशीन, सोफा सहित अन्य घरेलू सामान दहेज में दिया था।
पीड़िता का कहना है कि शादी के शुरुआती कुछ महीनों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में उसके पति कृष्णा नामदेव ने दहेज में कार लाने की मांग शुरू कर दी। जब मायके पक्ष कार देने में असमर्थ रहा तो पति के साथ ससुर रामनारायण नामदेव और जेठ मुकेश नामदेव भी उसे प्रताड़ित करने लगे। उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाने लगा।
आरती ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि कई बार उसे कमरे में बंद कर दिया जाता था और पर्याप्त भोजन भी नहीं दिया जाता था। उसे खाने-पीने तक के लिए तरसाया गया। जब उसने अपने परिजनों को इस बारे में बताया तो मायके पक्ष ने ससुराल वालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कार की मांग को ही शर्त बना दिया।
पीड़िता के अनुसार समाज के जिम्मेदार लोगों ने भी दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंततः उसे ससुराल से निकाल दिया गया, जिसके बाद उसने पुलिस की शरण ली। बैराड़ थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर पति कृष्णा नामदेव, ससुर रामनारायण नामदेव और जेठ मुकेश नामदेव के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।

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