शिवपुरी। शिवपुरी जिले में 48 घंटे मे प्रकृति के अलग अलग रूप देखने को मिले है। एक रूप में लोगों को सडको और खुले आसमान के नीचे जाने को मजबूर किया तो दूसरे रूप में सड़क सूनी मिली ओर लोग अपनी घरो के छतो के नीचे रहने को मजबूर हुए। गुरुवार की शाम को हुई हल्की बारिश और ओलावृष्टि सहित चली ठंडी हवाओं ने मौसम का चढा पारा एक दम से नीचे पटक दिया और चल रही ठंडी हवाओं ने लोगो को राहत प्रदान की। वही शुक्रवार की सुबह होते ही सूरज के तीखे तेवरों ने एक बार फिर बेहाल कर दिया। आलम यह रहा कि रात की ठंडक चंद घंटों में ही लू के थपेड़ों में बदल गई। मौसम विभाग की मानें तो ट्रफ लाइन के असर से अभी 5 मई तक आंधी-बारिश का यह लुका-छिपी वाला दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा,इस गर्म ठंडे मौसम के कारण लोगों सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि ऐसे मौसम में बीमार होने की संभावना अधिक रहती हैं।
न्यूनतम तापमान में हुई बढ़ोतरी के कारण सुबह से ही गर्मी का असर
महसूस किया गया। दोपहर 2 बजे के बाद सड़कों पर चहल-पहल कम हो गई और लोग घरों में रहने को मजबूर नजर आए। बाजारों में भी रौनक कम देखने को मिली, जिससे व्यापार पर असर पड़ा। मौसम वैज्ञानिक डॉ बीएस यादव के अनुसार, आगामी 5 मई तक गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद मौसम साफ रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और घुमावदार चल सकती है, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आगामी दिनों में आंधी एवं बारिश का दौर जारी रहने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि हाल ही में हुई बारिश का मुख्य कारण साउथ यूपी से गुजर रही टुफ लाइन है, जिसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई इलाकों में बादल सक्रिय हुए। मौसम के इस बदलते मिजाज ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए समेत किया है, खासकर गर्मी और तेज हवाओं से बचाया जरूरी है।
24 घंटे में ऐसे आया बदलाव
गुरुवार को शहर में काम 4 बजे के बाद से ही बारिश शुरू हो गई. जो देर तक बली। इस बीच जिले के कई हिस्सों में ओले भी गिरे। मौसम में आए अचानक इस बदलाव के चलते रात भर ठंडी हवाएं चलती रहीं और लोगों को चादर ओढ़कर सोना पड़ा, लेकिन शुक्रवार सुबह 9 बजे के बाद से सूर्यदेव फिर से तमतमाने लगे। दोपहर 1 बजे के बाद हालात और गंभीर हो गए, जब सड़कों पर आवाजाही लगभग थम सी गई। दोपहर के 2 बजते ही वाई इलाकों में सड़कें सूनी नजर आई। लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर ही घरों से बाहर निकले। अधिकांश लोग गमछा छतरी और पानी का सहारा लेते दिखे।
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