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मुन्नालाल की कारगुजारी भेंट चढ़ा सिद्धेश्वर का मेला, पछता रहे है मेले में आए दुकानदार | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। 50 से भी अधिक वर्षों से लग रहा शिवपुरी का प्रसिद्ध प्राचीन और धार्मिक सिद्धेश्वर मेला अब खत्म होने की कगार पर है। इस मेले को लगाने में नगर पालिका की कोई रूचि नहीं दिखाई दे रही। नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने चार मार्च 2019 को भूमिपूजन कर मेले का शुभारंभ तो कर दिया। लेकिन यहां आए दुकानदारों को न तो दुकानें आवंटित हुईं और न ही मेले में पानी, लाईट आदि की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जिससे यहां आने वाले दुकानदार पछता रहे हैं। इस मामले में प्रशासन के अधिकारियों से भी दुकानदारों ने अपनी व्यथा का बखान किया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

सिद्धेश्वर बाणगंगा मेले का शुभारंभ हर वर्ष महाशिवरात्रि के पर्व पर होता है। इस दिन नगरपालिका पदाधिकारी और अधिकारी भूमिपूजन कर मेले का शुभारंभ करते हैं। इस बार भी यह परंपरा तो निभाई गई। नगरपालिका ने निमंत्रण देकर दुकानदारों को भी बुला लिया और वे यहां आ भी गए। लेकिन आचार संहिता का हवाला देकर अभी तक दुकानदारों को न तो दुकानें न ही जल और पानी की व्यवस्था की गई। नगरपालिका अधिकारियों का तर्क है कि आचार संहिता लागू है और मेले के लिए जो टेण्डर लगे हैं वह खुले नहीं है। इससे मेला लगने में बिलंव हो रहा है। कलेक्टर निर्वाचन आयोग से अनुमति ले रही हैं और उनसे बार बार पत्राचार भी कर रही हैं। 

जब तक ऊपर से हरी झंडी नहीं मिलेगी तब तक हम कुछ नहीं कर सकते। मेला लगने की आशा में शिवपुरी आए दुकानदारों का सामान खुले में पड़ा हुआ है। वह सुबह से शाम तक नगरपालिका के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। नगरपालिका के अधिकारी और पदाधिकारी तो यहां तक कहने लगे कि तुम्हे बुलाया किसने था, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि मेले में आने के लिए उन्हें नगरपालिका प्रशासन ने आमंत्रित किया था।

इसलिए वह आए हैं, मेला लगने की आशा धूमिल पाकर बहुत से दुकानदार लौट भी गए हैं, लेकिन इसकी किसी को परवाह नहीं है। नगरपालिका अधिकारियों का अब कहना है कि मेला लगने की नोटशीट कलेक्टर के पास पड़ी है और वहां से अनुमति मिलने के बाद मेला लगाया जाएगा, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि कल 16 अप्रैल से नामजदगी के फॉर्म भरना शुरू हो जाएंगे और प्रशासन उसमें व्यस्त हो जाएगा और इससे नोटशीट अटकने की आशंका है। 

दुकानों तथा लाईट का ठेका नहीं, लेकिन साइकिल स्टैण्ड का हुआ ठेका

सिद्धेश्वर मेले में दुकानदारों को नगरपालिका द्वारा आवंटित ठेका पद्धति से दुकानें आवंटित करना था, लेकिन नगरपालिका ने टेण्डर तो आमंत्रित कर दिए, परंतु उन टेण्डरों को खोलने से पूर्व आचार संहिता लागू हो गई जिसके कारण टेण्डर नहीं खोले जा सके। महज साइकिल स्टैण्ड का ठेका लिया गया है। दुकानदारों को दुकानें व लाईट की व्यवस्था की जाना थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। मेले में बाहर से आए व्यापारियों का कहना है कि  शिवपुरी में उनके साथ पहली बार ऐसा खराब व्यवहार हुआ है। पूर्व में मेले में आते ही हमें दुकानें आवंटित कर दी जाती थीं साथ ही विद्युत व्यवस्था भी चालू मिलती थी। 

इनका कहना है
आचार संहिता के कारण मेला लगने में देरी हुई जिससे टेण्डर तो आमंत्रित कर दिए गए, लेकिन आचार संहिता लागू होने के कारण उन्हें खोला नहीं जा सका। इसके लिए चुनाव आयोग से अनुमति ली गई और यह तय किया गया कि पुरानी दरों पर ही दुकानें आदि दी जाएंगी और टेण्डर नहीं खोले जाएंगे। दुकानदारों को जो अव्यवस्था हुई उसके लिए खेद है। मेला छोडक़र गए दुकानदारों से संपर्क स्थापित कर उन्हें लाने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर के पास नोटशीट पड़ी है और एकाध दिन में नोटशीट पर कलेक्टर के हस्ताक्षर के बाद मेले का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। 
केके पटेरिया CMO नगरपालिका शिवपुरी 
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