Ad Code

जोरदार घमासान के बाद भी शिवपुरी में अभी तक नहीं हुई किसी भी प्रत्याशी की बड़ी जनसभा | Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में जहां 2007 के उपचुनाव को छोड़ दें तो कांग्रेस जीत के लिए 1990 से तरस रही है। इसके बाद भी इस चुनाव में इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी के बीच जोरदार घमासान देखने को मिल रहा है। भाजपा की ओर से कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी से तीन बार चुनाव जीत चुकी हैं और चौथी बार वह चुनाव मैदान में हैं जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ लढ़ा पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। 

एंटीइनकम्वंशी फैक्टर के कारण इस विधानसभा क्षेत्र में दोनों दलों के बीच जबर्दस्त घमासान देखने को मिल रहा है, लेकिन इसके बाद भी इस विधानसभा क्षेत्र में अभी तक कोई बड़ी जनसभा नहीं हुई। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अवश्य कोलारस, पोहरी और करैरा में आमसभा को संबोधित कर चुके हैं, लेकिन शिवपुरी में सिर्फ उन्होंने रोड शो में भाग लिया। विदित हो कि शिवपुरी में भाजपा प्रत्याशी यशोधरा राजे सिंधिया सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ हैं।
 
शिवपुरी जिले की शिवपुरी को छोड़कर शेष चार सीटों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, फिल्म अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी, साधना भारती आदि की आमसभाएं हो चुकी हैं, लेकिन शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में न तो कांग्रेस और न भाजपा की ओर से कोई बड़ी आमसभा हुई है। दोनों दलों से आगामी दिनों में किसी के आने का कोई प्रोग्राम भी नहीं आया है। 

बसपा प्रत्याशी मोहम्मद इरशाद राईन के समर्थन में अवश्य बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती शिवपुरी में आमसभा को संबोधित करने के लिए आ रही हैं और इस आमसभा में जिले के पांचों बसपा प्रत्याशी मौजूद रहेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के भी 24 नवम्बर को करैरा विधानसभा क्षेत्र के नरवर कस्बे में आने का समाचार है। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी 25 व 26 नवम्बर को कोलारस विधानसभा क्षेत्र के रन्नौद और बदरवास में आमसभा को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं। 

परंतु न तो भाजपा और न ही कांग्रेस के किसी बड़े नेता का प्रोग्राम अभी शिवपुरी के लिए बना है। इस कारण प्रचार की कमान दोनों प्रत्याशियों यशोधरा राजे सिंधिया और सिद्धार्थ लढ़ा ने अपने-अपने कंधों पर संभाल ली है। यशोधरा राजे के लिए शहरी क्षेत्र में धुआंधार जनसंपर्क उनके सुपुत्र अक्षय भंसाली कर रहे हैं जबकि सिद्धार्थ लढ़ा के शहरी क्षेत्र में प्रचार की कमान उनके पिता हरिमोहन लढ़ा, माँ तथा पत्नी ने संभाल रखी है। 

यशोधरा राजे सिंधिया सुबह से ही प्रचार में व्यस्त हो जाती हैं। कत्थामिल पर सुबह दस बजे तक वह विभिन्न समाजों, संगठनों और व्यक्तियों से मुलाकात करती हैं तथा इसके बाद वह ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर निकल जाती हैं। वहां से शाम को लौटने के बाद वह विभिन्न वार्डों में 2 से 3 आमसभाओं को संबोधित कर रही हैं। प्रत्येक आमसभा में वह अपने पांच साल का हिसाब किताब प्रस्तुत करती हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ लढ़ा दिन में ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। मतदाताओं से श्री लढ़ा अपील कर रहे हैं कि जीतने के बाद वह क्षेत्र का कायाकल्प कर देंगे और एक बार मौका देने की गुहार कर रहे हैं। वहीं पिछले कुछ दिनों से बसपा प्रत्याशी मोहम्मद इरशाद राईन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। श्री राईन कांग्रेस के परम्परागत वोट बैंक मुस्लिम वर्ग में सेंध लगा रहे हैं वहीं दलित वर्ग से भी उनको समर्थन मिल रहा है और यही कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ लढ़ा की चिंता का कारण है। 

मोहम्मद राईन का कहना है कि बसपा सुप्रीमो मायावती की आमसभा के बाद उनके समर्थन में और इजाफा होगा। मुकाबले में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी पीयूष शर्मा भी मैदान में है। उनका चुनाव प्रचार सबसे पहले शुरू हुआ। प्रचार अभियान में उन्होंने पूरे संसाधन फूंक दिए हैं, लेकिन उनके पक्ष में भी आम आदमी पार्टी की अभी तक कोई बड़ी जनसभा नहीं हुई। सपाक्स पार्टी के प्रत्याशी बृजेश तोमर चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। उनके पक्ष में भी अभी तक कोई जनसभा नहीं हुई। इन पांचों प्रत्याशियों के अलावा अन्य प्रत्याशी औपचारिकताएं निभाते नजर आ रहे हैं और चुनाव प्रचार से वह बिल्कुल दूर बने हुए हैं।