जनपद चुनाव: भाजपा नेता विवक पालीवाल ने कांग्रेस प्रवक्ता सहित 7 लोगो ने किया सरेंडर | Pohri News

शिवपुरी। बीते 9 मार्च 2015 को जनपद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पर पर हेतु निर्वाचन में हुए वोटरों के लेकर कांग्रेस से जनपद पद के उम्मीदवार प्रद्युम्न वर्मा और भाजपा से जनपद पद के उम्मीदवार विवेक पालीपाल के समर्थकों के बीच आमने-सामने का गोली काण्ड हुआ था। 

इस मामले में कई मामले पोहरी थाने में दर्ज किए गए थे। बताया गया है कि कांग्रेस नेता और जनपद अध्यक्ष प्रद्युम्न वर्मा और उनके समर्थको के खिलाफ पोहरी थाने में 3 मामले दर्ज हुए थे। मामले में फरियादी, क्रमश:, तात्कालिन टीआई पोहरी, निर्वाचन अधिकारी तात्कालिन एसडीएम जेएस बघेल और कांग्रेस नेता संजीव शर्मा बंटी थे। वहीं भाजपा नेता और उनके 8 समर्थको के खिलाफ हरिओम धाकड की फरियाद पर अपराधिक मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले में सीईडी के जांच आदेश हो गए थे, लेकिन जांच केवल कांग्रेस पक्ष के लोगों की जा रही थी। भाजपा के नेता विवेक पालीवाल इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और हाईकोर्ट की डबल बैंच ने मामले की सुनवाई करते हुए भाजपा नेता विवेक पालीवाल सहित 8 लोगो को 26.10.2017 को शशर्त अंग्रिम जमानत दे दी थी। 

अब बताया जा रहा है कि उक्त जमानत 60 दिनों की थी, सीआईडी में जमानत भरवा ली गई थी, चूकि आज दिनांक तक सीआईडी ने कोर्ट में चालन पेश नही किया, बताया जा रहा है कि अब सीआईडी ने उक्त मामले की डायरी पोहरी पुलिस को सौंप दी है। 

इस मामले में बताया जा रहा है कि भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य विवके पालीवाल, पोहरी कांग्रेस प्रवक्ता संजीव शर्मा बंटी, अरूण शर्मा, अरविंद शर्मा, कमलेश तिवारी, अवतंत जैन और रघुवीर शर्मा ने पोहरी पुलिस को सरेंडर कर दिया हैं। खबर लिखे जाने तक पुलिस कागजी कार्रवाई में जुटी हैं।

इस पूरे प्रकरण में जातिवाद की बू आ रही है, पोहरी में शुद्ध् रूप से जातिवाद की राजनीति होती हैं। इस मामले में तत्काल ही सीआईडी जांच के आदेश हो गए थे, चूंकि कांग्रेस नेता प्रद्युम्न वर्मा ओर उसके लगभग 4 दर्जन सर्मथको पर ज्यादा मामले थे। घटना वाले दिन सबसे बाद में विवेक पालीवाल पर और उनके समर्थको पर मामला दर्ज हुंआ था इसमें में भोपाल स्तर से राजनीति की गई।

विवेक पालीवाल का आरोप
भाजपा नेता का कहना है कि इस काण्ड में हम बेकसूरों को फसाया गया था। जांच सीआईडी कर रही थी, सामने वालो के नाम काटे जा रहे है, ओर हमारी ओर से चुन—चुन कर ब्राहम्मणों के नाम इस केस में जोड़े जा रहे हैं। 

घटना दिनांक वाले दिन विवेक पालीवाल, बंटी शर्मा अवतंश जैन दिनदयाल शर्मा पर मामाला दर्ज हुआ। इस घटना के 1 साल बाद सीआईडी ने 4 नाम अनुज शर्मा, शैलेन्द्र शर्मा, कमलेश त्रिवेदी, अरूण शर्मा और घटना दिनांक के 3 साल बाद 2 नाम रघुवीर शर्मा, अरविंद शर्मा और बढ़े हैं जिनकी जानकारी पुलिस ने आज ही दी हैं।

इस पूरे मामले से पोहरी की राजनीति में फिर उछाल आ गया हैं। इस पूरे प्रकरण से भाजपा को नुकसान होने की संभावना हैं। 

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