भोपाल। मतदाता सूची में गडबड़ी के मामले में चुनाव आयोग की जांच में शिवपुरी कलेक्टर तरुण राठी को दोषी पाया गया है। यह जांच रिपोर्ट भारतीय चुनाव आयोग को भेज दी गई है। इस माह की शुरूआत में भेजे गये पत्र में प्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी तरुण राठी को चुनावी कार्य में लापरवाही को दोषी ठहराया है। सलीना ने कहा कि शिवपुरी जिले के कोलारस में हुए उपचुनाव की मतदाता सूची में 1,900 ऐसे मतदाता हैं, जिनकी प्रविष्टि एक से अधिक बार हुई है। इसके अलावा, इस मतदाता सूची में 5,537 ऐसे मतदाताओं के भी नाम हैं, जिनका निधन हो चुका था।
पत्र के अनुसार इसका मतलब है कि बूथ लेबल अधिकारियों एवं इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर ने इसकी ओर ध्यान नहीं दिया. इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी इसकी उचित समीक्षा नहीं की। सलीना ने कहा कि यदि कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान होने से पहले मतदाता सूची की निरंतर समीक्षा की होती, तो इतनी बड़ी तादात में मृतक मतदाताओं के नाम इसमें शामिल नहीं होते. भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अजय दुबे द्वारा दिये गये आरटीआई आवेदन के उत्तर में यह जानकारी मिली है।

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