कोलारस चुनाव: कांग्रेस छोडने का प्रेशर, वन विभाग ने कर दी कांग्रेसी नेता की खडी फसल की हत्या

कोलारस। कोलारस में इस समय चुनाव के बादल मंडरा रहे है। पार्टीयो में तोड-फोड की राजनीति शुरू कर दी है। इसी तोड-फोड की राजनीति में खबर आ रही है कि एक कांग्रेसी नेता को कांग्रेस छोडने का ऑफर दिया गया, लेकिन ऑफर स्वीकार  ने करने पर उसकी खडी फसल की हत्या प्रशासन द्वारा करवा दी है। जानकारी के अनुसार बीते शनिवार को कोलारस विधान सभा के उपविकास खण्ड रन्नौद के कांग्रेस नेता और मंडी अध्यक्ष जय किशन केवट की जमीन पर खडी फसल पर वनविभाग ने हमला कर दिया। ट्रैक्टर और हारवेस्टर से इस जमीन पर लहराती खडी फसल की देखते-देखते ही हत्या कर दी। 

वन विभाग को कहना है कि उक्त भूमि वनविभाग की है। इस पर अतिक्रमण कर फसल उगाई गई थी इस कारण इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। वही इस भूमि पर खडी फसल मालिक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष एंव रन्नौद मंडी अध्यक्ष जय किशन केवट का कहना है कि उक्त भूमि पर हम पिछले कई वर्षाे से खेती कर रहे है। इस भूमि पर वन विभाग को हमारा मामला न्यायायल में विचाराधीन  है,वनविभाग के अधिकारी कोई भी कागजात देखने को तैयार नही हुए। 

मंडी अध्यक्ष केवट का कहना है कि कांग्रेसियो को टारगेट कर निशाना बनाया जा रहा है। मेरी 40 बीघा जमीन पर जिंदा फसल की हत्या वन विभाग ने कर दी,यह भाजपा नेताओ के इशारे पर किया जा रहा है। जयकिशन मांझी ने आगे कहा की भाजपा के मंत्री रूस्तम सिंह और नरोत्तम मिश्रा के द्वारा लगातार भाजपा में शामिल होने के लिए दबाब बनाया जा रहा था जिस पर उनहोने मना कर दिया था जिसके बाद उनहे बुरे परिणाम भुगतने की बात भी कही थी इसी दबले की भावना के चलते यह कार्यवाही की गई जबकी सेंकडो बीघा सरकारी जमीन भाजपा के कब्जे में है। 

पहले मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक स्व राम सिंह यादव के रिश्तेदार कांग्रेसी नेता निरपत सिंह यादव की भूमि पर खड़ी फसल को बीते दिना वन विभाग ने अपनी टीम के साथ उजाड दिया था जिसके बाद कांग्रेस ने इस का विरोध किया था। इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक के इशारे पर कार्यवाही करने की बात सामने आई थी। इस घटना के बाद बदरवास क्षेत्र के यादव समाज के लोगो में भाजपा के लिए आक्रोश देखने को मिला था। 
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