शिवपुरी। शिवपुरी में पिछले दिनों आई बाढ़ का कहर प्रशासनिक लापरवाही की देन थी। सीवेज खुदाई और अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान निकला मलबा यदि नालों में नहीं डाला जाता तो बाढ़ नहीं आती। उक्त उदगार सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के बाद व्यक्त किए।
श्री सिंधिया ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जि मेदारी का निर्वहन करने हेतु वह जनता के दु:ख में साथ निभाने के लिए यहां आए हैं। श्री सिंधिया ने कांग्रेस नेताओं के साथ बाढ़ प्रभावित इलाके कमलागंज, गांधी कॉलोनी, महावीर कॉलोनी, शंकर कॉलोनी, प्रायवेट बस स्टेण्ड क्षेत्र आदि का दौरा किया और जनता से उनके सुख दुख पूछे।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनके पूर्वजों ने स्वर्ग के समान शिवपुरी नगरी का निर्माण किया था, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस नगरी को नरक में तब्दील कर दिया है। शिवपुरी में आई बाढ़ भी उसी षड्यंत्र का हिस्सा है।
जब श्री सिंधिया से पूछा गया कि क्या उनके दौरे से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी तो उन्होंने कहा कि वह यहां के जनप्रतिनिधि है और उनका दायित्व है कि वह जनता के सुख और दुख में उनके साथ खड़े रहें। इसी जि मेदारी का निर्वहन करते हुए वह यहां आए हैं और बाढ़ से शिवपुरी की जनता को जो नुकसान हुआ है उसके लिए वह बहुत दु:खी है। सांसद सिंधिया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने हेतु कल शिवपुरी आए थे।
सबसे पहले वह आज सुबह कमलागंज पहुंचे जहां लोगों ने उन्हें बताया कि किस तरह बाढ़ में उनका सामान बह गया है। इसके बाद श्री सिंधिया गांधी कॉलोनी पहुंचे जहां उन्होंने शकुंतला देवी चौबे नामक वृद्ध महिला से हालचाल पूछे। उक्त महिला उन्हें मनुहार कर अपने घर ले आई। इसके बाद उन्होंने मोहल्ले के लोगों से उस दिन की घटना का विवरण सुना। सांसद सिंधिया ने वर्षा के कारण खराब हुई सर्किट हाउस रोड़ का भी निरीक्षण किया।