शिवपुरी. द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश श्री गौर ने आज अपने एक अहम फैसले में हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है। साथ ही दो हजार रूपए के अर्थ दण्ड से भी अधिरोपित किया है। वहीं कालीरचरण, पूरनचंद, मधू पत्नि कालीचरण, पार्वती पत्नि पूरनचंद को साक्ष्यों के आधार पर बरी कर दिया हैं।
अभियोजन के शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली फतेहपुर झांसी तिराहा रोड़ के पास 2 मार्च 13 को पूरन ओझा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरी बहू वीणा अपनी 13 माह की बच्ची व उसका पति गिर्राज ओझा अपने कमरे में सो रहे थे तभी रात्रि 1:30 बजे करीब गिर्राज ने हम को जगया और कहा कि वीणा को जाने क्या हो गया।
जिस पर पास में रहने वाले पड़ौसी हरिवास राठौर ने आकर देखा तो वीणा की मौत हो गई। इस बात की रिपोर्ट पूरन ने शहर कोतवाली में दर्ज कराई जिस पर से पुलिस ने 304 बी का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जांच में पाया की वीणा की मौत दम घुटने से हुई है और उसके गले पर चोट के निशान भी पाये गए।
तत्पश्चात आरोपी गिर्राज ओझा पुत्र पूरनचंद ओझा, कालीचरण, पूरनचंद, मधू पत्नी कालीचरण, पार्वती पत्नि पूरनचंद के खिलाफ 302 दर्ज किया गया। तत्पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
विद्वान न्यायाधीश ने पक्ष विपक्ष की दलील सुनते हुए चार व्यक्ति को दोष मुक्त करते हुए गिर्राज ओझा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।